मालनपुर में सभी इण्डस्ट्रीज पर संपत्तिकर वसूली के कुर्की नोटिस की तैयारी...
नगर परिषद मालनपुर ने कई फैक्ट्रियों पर निकाला करोड़ों रूपये का टैक्स,मालनपुर में मचा हड़कंप !
फाइल फोटो
ग्वालियर। मध्यप्रदेश में जहां राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये हरसंभव प्रयास कर रही हैं, वहीं मप्र शासन के विभिन्न विभाग उन्हें परेशान करने में कोई कसर ही नहीं छोड़ रहे हैं। अब मालनपुर क्षेत्र में भी यहीं स्थिति हैं, यहां उद्योग विभाग व आईआईडीसी को भरपूर टैक्स की रेवेन्यू देने के बाद भी नगर परिषद मालनपुर ने कई फैक्ट्रियों पर करोड़ों रूपये का टैक्स निकाल दिया है। अब मालनपुर की यह बड़ी फैक्ट्रियां शासन के दोहरे रवैये से नाराज है, जल्दी ही यह मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव से भी मालनपुर एसोसिएशन क बैनर तले मिलेंगी।
जानकारी के मुताबिक मालनपुर नगर परिषद ने पिछले पांच-छह साल से औद्योगिक क्षेत्र में संपत्तिकर जमा नहीं कर रही लगभग 22 कंपनियों पर एक करोड़ रूपये का टैक्स थोप कर उसमे वसूली की तैयारी कर ली है। अब नगर परिषद कभी भी इनकी संपत्ति कुर्क कर उनकी नीलामी कर सकती हैं। मालनपुर नगर परिषद के इस रवैये से मालनपुर की सभी बड़ी फैक्ट्रियों में हड़कंप मच गया है और सभी फैक्ट्री संचालक इस संदर्भ में मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से मिलने वाले हैं। जिन बड़ी फैक्ट्रियों से संपत्तिकर की वसूली की जानी हैं उनमें मांडलेज कैडबरी सहित गोदरेज प्रोडक्टस, सूर्या रोशनी लिमिटेड, क्राम्पटन ग्रीव्ज, स्टर्लिंग एग्रो लिमिटेड, जमुना आटो, सुप्रीम इण्डस्ट्रीज, एक्जोनोबल, विक्रम वूलन, एसआरएफ लिमिटेड, कुरलोन, मोंटेज फ्लेक्स, पारस घी, एलिक्जर आदि प्रमुख फैक्ट्रियां शामिल हैं।
बताया जाता है कि मालनपुर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने इन सभी फैक्ट्रियों से वसूली के लिये गोहद के एसडीएम को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की हैं। उन्होंने पत्र में कहा है कि मालनपुर नगर परिषद को अस्तित्व में आये लगभग पांच वर्ष हो चुके हैं। निकाय द्वारा औद्योगिक इकाईयों को कई बार नोटिस दिये गये। साथ ही नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 164(2), 167(1) के अंतर्गत डिमांड भी की गई है, लेकिन औद्योगिक इकाईयों द्वारा संपत्तिकर जमा नहीं किया जा रहा है।




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