G News 24 : गृह मंत्रालय के दो अधिकारियों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार !

 FCRA से जुड़ा है मामला ...

गृह मंत्रालय के दो अधिकारियों को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार !

दिल्ली पुलिस की तरफ से शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि दोनों गैर-कानूनी तरीके से पैसे लेकर कुछ संगठनों के रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल में मदद करने के लिए उनके संपर्क में थे. गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में दो सरकारी अधिकारियों को पकड़ा है. 

पकड़े गए दोनों अधिकारियों में से एक सीनियर अकाउंटेंट और दूसरा अकाउंटेंट के तौर पर कार्यरत है. उन्होंने कथित तौर पर एक एसोसिएशन से संपर्क किया और उसका लंबित FCRA रजिस्ट्रेशन कराने के बदले अवैध तरीके से रिश्वत की मांग की.

गृह मंत्रालय के विदेशी प्रभाग में  में थे दोनों अधिकारी !

इनमें से एक अधिकारी अभी गृह मंत्रालय के विदेशी प्रभाग में तैनात है, जबकि दूसरा, जो अभी वेतन एवं लेखा कार्यालय में तैनात है, पहले विदेशी प्रभाग में काम कर चुका है.सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि वे गैर-कानूनी तरीके से पैसे लेकर कुछ संगठनों के रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल में मदद करने के लिए उनके संपर्क में थे. आगे की जांच जारी है.

गृह मंत्रालय भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस अपनाता है और इस मामले में उचित कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है. FCRA से जुड़ी सभी सेवाएं FCRA पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दी जाती हैं और किसी भी FCRA सेवा में मदद करने के लिए किसी बिचौलिए, एजेंट या व्यक्ति को अधिकृत नहीं किया गया है.

FCRA कानून क्या है?

भारत ने विदेशी योगदान को स्वीकार करने और उसके इस्तेमाल को रेगुलेट करने के लिए 1976 में पहला FCRA कानून बनाया था. FCRA कानून यह तय करता है कि भारतीय व्यक्ति, संगठन, NGO, ट्रस्ट और कंपनियां भारत के बाहर से भेजे गए पैसे, सिक्योरिटी या सामान कैसे ले सकती हैं और उनका इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं. इसे MHA (गृह मंत्रालय) मैनेज करता है. यह तय करता है कि किन शर्तों पर कौन विदेशी योगदान ले सकता है.

गृह मंत्रालय ने पारदर्शिता, गवर्नेंस और रेगुलेटरी स्पष्टता को और बेहतर बनाने के लिए फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल लाया है. हालांकि इसे विवाद के बीच जेपीसी को भेजा गया है.

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