जांच में बस की ऊंचाई निर्धारित मानक से अधिक पाई गई...
दर्दनाक हादसा, बस अग्निकांड में 9 जिंदा जले,बस पर थे 1.75 लाख के 19 चालान !
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में हुए दर्दनाक हादसे में नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि बस पर 1.75 लाख के 19 चालान थे। अधिकांश चालान ओवरस्पीड के थे। ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के बाद परिवहन विभाग ने बस की तकनीकी जांच की। जांच में बस की ऊंचाई निर्धारित मानक से अधिक पाई गई। बस की ऊंचाई 4.1 मीटर मिली, जबकि मानक के अनुसार बस की अधिकतम ऊंचाई 3.8 मीटर होनी चाहिए। यानी बस तय सीमा से करीब 30 सेंटीमीटर अधिक ऊंची थी।
पुलिस का कहना है कि बस की तकनीकी स्थिति समेत अन्य बिंदुओं की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बस के दस्तावेज और उसके संचालन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
बस पर 19 चालान, 1.75 लाख का जुर्माना
हादसे के बाद बस की फिटनेस और पूर्व में हुई यातायात कार्रवाई भी जांच के दायरे में आ गई है। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश की राज कल्पना ट्रैवल्स की इस बस के खिलाफ अब तक 19 चालान हो चुके हैं। इन पर करीब 1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। पुलिस ने चालक पवन और परिचालक योगेश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब बस के पुराने चालान, फिटनेस, परमिट और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
पुलिस 10 मिनट में पहुंची, 20 एंबुलेंस भेजीं
हादसे के समय घटनास्थल से करीब 300 मीटर पहले पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी मौजूद थी। सूचना मिलते ही करीब 10 मिनट में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया।
करीब 45 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया। बस का पिछला हिस्सा काटकर फायरकर्मी अंदर पहुंचे और एक-एक कर नौ शव बाहर निकाले। राहत और बचाव अभियान करीब दो घंटे चला। ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर तैनात करीब 20 एंबुलेंस को मौके पर बुलाया गया। घायलों को ग्रेटर नोएडा के अस्पतालों में भेजा गया।
दो घंटे तक प्रभावित रहा यातायात
बस में आग लगने के कारण नोएडा से आगरा जाने वाली लेन करीब दो घंटे तक बंद रही। जेवर टोल और फलैदा कट पर करीब 20 मिनट तक यातायात रोका गया। आग बुझने के बाद करीब ढाई बजे सिंगल लेन से यातायात शुरू कराया गया। पूरी तरह यातायात सामान्य होने में इसके बाद भी समय लगा।
शीशे तोड़कर यात्रियों ने बचाई जान
आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कई यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बस से बाहर कूदकर जान बचाई। आग में यात्रियों का सामान और मोबाइल फोन भी जलकर राख हो गए। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार के मुताबिक शुरुआती जांच में एसी में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन में आग लगने की आशंका है। एडीएम अजीत कुमार सिंह ने बताया कि हादसे में नौ लोगों की मौत हुई है। कुछ घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद विशेष वाहन से महोबा भेजा गया, जबकि एक महिला का अस्पताल में उपचार चल रहा है। बस को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
जलने की बदबू आई, चालक ने नहीं रोकी बस
हादसे के बाद यात्रियों ने चालक और परिचालक पर गंभीर आरोप लगाए। यात्रियों के मुताबिक बस में आग लगने से पहले ही जलने जैसी बदबू आ रही थी। यात्रियों ने चालक और परिचालक को इसकी जानकारी दी, लेकिन आरोप है कि चालक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यात्रियों के अनुसार चालक ने कहा कि बस में ऐसी बदबू आती रहती है। इसके बाद चालक और परिचालक केबिन में सिगरेट पीने लगे।




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