G News 24 : आजादी के 80 साल बाद भी कोठी गांव में शमशान घाट ना होना प्रशासन के लिए कलंक : अखिलेश

 मध्य प्रदेश किसान सभा ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन ...

आजादी के 80 साल बाद भी कोठी गांव में शमशान घाट ना होना प्रशासन के लिए कलंक : अखिलेश


ग्वालियर।  जिला प्रशासन से महज चार और पांच किलोमीटर दूरी पर विक्की फेक्ट्री के पास कोठी गाँव जो की नगर निगम सीमा के सीमा के अंतर्गत आता है लेकिन आजादी के 80 साल बीत जाने के बाद भी 3000 की आबादी वाले गांव में एक शमशान तक नहीं है जबकि भू माफिया वहां पर तमाम जमीन ने जो सरकारी हैं उन पर कब्जा किए हुए हैं लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से एक शमशान घाट नहीं बनाया जा सकता है जिसके कारण ग्रामीणों को अपने खेतों में  5-6 किलोमीटर दूर दूसरी जगह ले जाकर अपने परिजनों की अंतिम क्रिया करने के लिए मजबूर होना पड़ता है. 

इस सवाल को लेकर आज मध्य प्रदेश किसान सभा की ओर से कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया इस प्रदर्शन में सैकड़ो की संख्या में कोठी गांव की महिला और पुरुष शामिल हुए मध्य प्रदेश किसान सभा की ओर से राज्य महासचिव अखिलेश यादव ने इसे प्रशासन के लिए कलंक बताते हुए कहा कि यह बुनियादी सुविधाएं हैं जिन्हें प्रशासन को यथाशीघ्र उपलब्ध करना चाहिए लेकिन कोठी गांव के लोग वर्षों से भटक रहे हैं लेकिन उन्हें शमशान घाट की जमीन नहीं मिल सकती है, सभा में किसान नेता सुग्रीव सिंह राजवीर सिंह गुर्जर बीरबल सिंह चयन हाकिम सिंह कुशवाहा के अलावा कोठी गांव के सैकड़ो लोग शामिल थे.

एडीएम सी बी प्रसाद को दिए गए ज्ञापन में उन्होंने गंभीरता के साथ मामले को सुना एवं प्रतिनिधिमंडल को 10 दिन का समय देते हुए कहा कि उक्त समय सीमा में शमशान घाट के लिए भूमि चिन्हित करके श्मशान घाट बनवाने का काम शुरू कर दिया जाएगा इस आश्वासन पर ग्रामीणों ने कहा कि अगर 10 दिनों के अंदर श्मशान घाट का निर्माण नहीं होता तो फिर कलेक्ट्रेट पर आकर आमरण अनशन के लिए विवश होना पड़ेगा.

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