लंबे समय से आ रही थीं शिकायतें...
अब ओंकारेश्वर के जंगलों में आबकारी विभाग ने ज़ब्त की 195 लीटर शराब !
सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद मध्यप्रदेश में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग और प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को ओंकारेश्वर और नर्मदा नदी किनारे स्थित बाघनगर व गणेश नगर के दुर्गम जंगलों में आबकारी विभाग की टीम ने अवैध शराब निर्माण के अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। इसके अलावा आबकारी वृत्त खंडवा के ग्राम सिलोदा में भी कार्रवाई की गई। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर की गई कार्रवाई में कुल 195 लीटर हाथभट्टी मदिरा और 11,350 किलोग्राम महुआ लहान बरामद किया गया।
आबकारी विभाग के अनुसार, महुआ लहान के मौके पर विधिवत सैंपल लिए गए और उसे नष्ट कर दिया गया। कार्रवाई में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत कुल 18 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। जब्त शराब और महुआ लहान की अनुमानित कीमत करीब 11 लाख 65 हजार रुपये बताई गई है। जिला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी हसनलाल गोहिया, अजयपाल सिंह भदौरिया, सोनाली बैंजामिन और आबकारी उपनिरीक्षक अंकित सोलंकी सहित विभागीय अमला शामिल रहा। ओंकारेश्वर क्षेत्र में नर्मदा नदी के आसपास और घने जंगलों में लंबे समय से अवैध रूप से हाथभट्टी शराब बनाए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर शराब बनाने वाले जंगलों में ठिकाने बनाकर यह कारोबार करते हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जाते रहे हैं कि वन क्षेत्र में पेड़ों और झाड़ियों की कटाई कर शराब निर्माण के लिए जगह बनाई जाती है। ओंकारेश्वर के समाजसेवी प्रदीप ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र में शराबबंदी और अवैध शराब निर्माण को लेकर उन्होंने कई बार मध्यप्रदेश शासन और प्रशासन को अवगत कराया है। उन्होंने इस संबंध में शिकायतें भी की हैं, लेकिन उनके अनुसार अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।




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