G NEWS 24 : क्रूड ने फिर बढ़ाई टेंशन, 100 डॉलर के पार पहुंचा तेल !

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क्रूड ने फिर बढ़ाई टेंशन, 100 डॉलर के पार पहुंचा तेल !

वेस्ट एशिया में बढ़ते हमलों के बीच बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब तीन महीने में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई है. इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने कच्चे तेल की सप्लाई में संभावित व्यवधान को लेकर बाजार की चिंताएं फिर बढ़ा दी हैं. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.3 प्रतिशत बढ़कर 0614 GMT तक 99.22 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 1.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 94.13 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. ताजा तेजी के साथ ब्रेंट क्रूड जुलाई में देखे गए स्तरों के करीब पहुंच गया है. ये पिछले कुछ हफ्तों में तेल बाजार में आए तेज बदलाव को दर्शाता है. 

अगस्त की शुरुआत से ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 25 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है. छह महीने से जारी युद्ध के स्थायी समाधान की उम्मीदें कमजोर पड़ने और दोबारा संघर्ष तेज होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल आया है. कच्चे तेल की कीमतों में ताजा तेजी वेस्ट एशिया में संघर्ष बढ़ने के बीच आई है. मंगलवार को यमन में ईरान समर्थित हूती बलों ने सऊदी अरब के कई शहरों पर हमले किए. इसके बाद क्षेत्र में अमेरिका के एक और प्रमुख सहयोगी के संघर्ष में और गहराई से शामिल होने की आशंका बढ़ गई है. वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव ने सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और पूरे क्षेत्र से कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं. 

इससे पहले अमेरिका ने कई ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया था, जबकि ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया और जहाजों पर भी हमले किए. इन घटनाक्रमों ने पश्चिम एशिया की स्थिरता और क्षेत्र के ऊर्जा आपूर्ति ढांचे को लेकर चिंता बढ़ा दी है. तेल कारोबारियों की चिंता अब केवल किसी एक उत्पादन केंद्र या सुविधा तक सीमित नहीं है. अगर संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो इससे तेल के परिवहन मार्गों के साथ-साथ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जलमार्गों के जरिए कच्चे तेल की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है. ऐसे में लंबे समय तक सप्लाई बाधित होने की आशंका फिर चर्चा में आ गई है. इसी वजह से ब्रेंट क्रूड मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर की ओर बढ़ रहा है.

हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में जिस तेजी से रिकवरी हुई है. वह काफी महत्वपूर्ण है. अगस्त की शुरुआत से ब्रेंट क्रूड करीब 25 प्रतिशत चढ़ चुका है. संघर्ष के स्थायी समाधान की उम्मीद कमजोर होने के साथ तेल की कीमतों में पहले आई नरमी अब काफी हद तक पलट गई है. करीब तीन महीने बाद ब्रेंट क्रूड का 100 डॉलर के स्तर पर लौटना तेल की खपत करने वाली अर्थव्यवस्थाओं के लिए भी अहम है. अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इससे ऊर्जा लागत बढ़ सकती है. महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है और आर्थिक विकास प्रभावित हो सकता है. फिलहाल, बाजार की नजर वेस्ट एशिया में होने वाले आगे के घटनाक्रम पर बनी हुई है.

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