छात्राओं के मंत्रि-मंडल को मुख्यमंत्री ने बैठाया मंच पर, समझी पूरी कार्यवाही...
'किताब से कल तक' कार्यक्रम में सीएम डॉ. यादव ने छात्राओं के साथ किया संवाद
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित ‘किताब से कल तक’ कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान वे विद्यालय की छात्राओं द्वारा संचालित स्कूल कैबिनेट से मिलकर बेहद प्रसन्न नजर आए। उन्होंने छात्राओं की कैबिनेट को मंच पर अपने साथ बैठाया, उसके कार्यों की जानकारी ली और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से कैबिनेट गठन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को नई तकनीकों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग जरूर करें, लेकिन अपने विवेक और सोच को कभी पीछे न छोड़ें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी सरकारी विद्यालय के छात्र रहे हैं और आज के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि भारत ज्ञान, संस्कार और संस्कृति का देश है। यहां की परंपरा ‘जियो और जीने दो’ तथा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की असली ताकत उसके संस्कार और शिक्षा व्यवस्था होती है, इसलिए विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि अच्छे संस्कार भी अपनाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने विद्यालय की छात्राओं द्वारा संचालित कैबिनेट के सदस्यों से परिचय लिया।
छात्राओं ने स्पोर्ट्स, कल्चरल, डिसिप्लीन, हेड गर्ल, डिप्टी हेड गर्ल और सेक्रेटरी सहित विभिन्न जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनाव कर कैबिनेट बनाई जाती है, जिसमें छात्राएं मतदान करती हैं और पूरे वर्ष विद्यालय की गतिविधियों का संचालन करती हैं। यह सुनकर मुख्यमंत्री ने छात्राओं की नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी की सराहना की। संवाद के दौरान छात्राओं ने मुख्यमंत्री से कई रोचक प्रश्न भी पूछे। एक छात्रा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने बताया कि वे ChatGPT और अन्य एआई टूल्स का उपयोग नई जानकारियां जुटाने और विषयों को समझने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि एआई उपयोगी साधन है, लेकिन अंतिम सत्य नहीं।
इसका उपयोग करते समय तथ्यों की पुष्टि करें और हमेशा अपना दिमाग जरूर लगाएं। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करने, सामान्य ज्ञान बढ़ाने, खेलकूद में भाग लेने और समय का बेहतर प्रबंधन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने एमए, एमबीए और पीएचडी की पढ़ाई पूरी की। उनका कहना था कि सीखने की प्रक्रिया जीवनभर चलती रहनी चाहिए। सोशल मीडिया से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में तकनीक से जुड़ना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वे इंस्टाग्राम का उपयोग करते हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फॉलो करते हैं।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने छोटे भाई-बहनों को भी शिक्षा के लिए प्रेरित करें और समाज में सकारात्मक बदलाव की भूमिका निभाएं। तनाव प्रबंधन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद, योग, व्यायाम और संगीत तनाव कम करने में मदद करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन आत्ममूल्यांकन करने, डायरी लिखने और अपने कार्यों की योजना बनाने की भी सलाह दी। विद्यालय के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 1958 में स्थापित कमला नेहरू कन्या शासकीय विद्यालय अब सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित हो चुका है, जहां नर्सरी से 12वीं तक करीब 1800 छात्राएं अध्ययनरत हैं।
विद्यालय में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला, पुस्तकालय और आधुनिक शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। विद्यालय को हरित विद्यालय श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है तथा राज्य स्तर पर सिल्वर अवॉर्ड भी प्राप्त हो चुका है। बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षकों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें कृषि, विज्ञान, राजनीति, सेना, उद्यमिता और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की प्रेरणा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव होती है।



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