G News 24 : अब घर का नक्शा पास कराना हुआ आसान,अनावश्यक एनओसी के झंझट से राहत !

 भवन निर्माण अनुमति की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव... 

अब घर का नक्शा पास कराना हुआ आसान,अनावश्यक एनओसी के झंझट से राहत !

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में घर या भवन बनाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने भवन निर्माण अनुमति की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब हर प्रकरण में अलग-अलग विभागों की एनओसी जुटाने की जरूरत नहीं होगी। जरूरत के मुताबिक ही संबंधित अनुमति मांगी जाएगी।नई व्यवस्था में ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया, जीआईएस बताएगा कहां जरूरी है एएआई-एनएमए की अनुमति,संबंधित विभागों को 21 दिन में देना होगा जवाब !

कागजी दौड़ खत्म, पूरा काम ऑनलाइन

नई व्यवस्था में भवन निर्माण अनुमति की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। आवेदन के साथ नक्शे और जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल प्रतियां ही स्वीकार की जाएंगी। हार्ड कॉपी जमा कराने की आवश्यकता नहीं होगी। भूमि स्वामी स्वयं आवेदन करता है तो ऑनलाइन शपथ-पत्र की व्यवस्था रहेगी, जबकि अधिकृत कंसल्टेंट के माध्यम से आवेदन होने पर भूमि स्वामी के हस्ताक्षरित शपथ-पत्र को ऑनलाइन अपलोड करना होगा।

जीआईएस तय करेगा कहां चाहिए एनओसी

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई), राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए) और हेरिटेज क्षेत्र से संबंधित एनओसी अब हर भवन के लिए अनिवार्य नहीं होगी। ऑनलाइन प्रणाली में जीआईएस आधारित सत्यापन से यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित भूखंड किसी प्रतिबंधित या प्रभावित क्षेत्र में आता है या नहीं। केवल ऐसे मामलों में संबंधित एनओसी की जरूरत होगी।

कई विभागों की एनओसी की बाध्यता खत्म

सहकारिता विभाग, गृह निर्माण सहकारी समितियों, विद्युत और नजूल विभाग से संबंधित कई प्रकार की एनओसी की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। इससे भवन अनुमति के लिए होने वाली अनावश्यक विभागीय औपचारिकताएं कम होंगी और प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

अब आवेदक नहीं, प्राधिकरण करेगा विभागों से संपर्क

रक्षा प्रतिष्ठानों, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा विकास प्राधिकरणों से संबंधित मामलों में आवेदक को स्वयं एनओसी लाने की बाध्यता नहीं होगी। आवश्यकता होने पर सक्षम प्राधिकारी आवेदन प्राप्त होने के सात दिन के भीतर संबंधित विभाग को प्रकरण भेजेगा। संबंधित विभाग को 21 दिन के भीतर अपनी आपत्ति या अनापत्ति देनी होगी। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर प्रकरण में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

पर्यावरण और पेड़ कटाई के नियम भी तर्कसंगत

नई व्यवस्था में पर्यावरणीय स्वीकृति को भी जरूरत के आधार पर रखा गया है। निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक के भवनों और परियोजनाओं में ही पर्यावरणीय अनुमति आवश्यक होगी। इसी तरह पेड़ कटाई की अनुमति तभी जरूरी होगी, जब वास्तव में पेड़ों की कटाई प्रस्तावित हो। अग्निशमन एनओसी की व्यवस्था राष्ट्रीय भवन संहिता के प्रावधानों के अनुरूप रहेगी। सरकार के इन बदलावों का उद्देश्य भवन निर्माण अनुमति की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक विभागीय चक्कर लगाने से राहत मिलने के साथ शहरी क्षेत्रों में निर्माण और निवेश गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

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