कैबिनेट बैठक में सख्त बिल पर होगी चर्चा...
सरकार 3 दिन में लाएगी पेपर लीक को लेकर सख्त बिल !
नई दिल्ली। पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्टट्रैक कोर्ट बनाने पर केंद्र सरकार की कैबिनेट आज अहम फैसला ले सकती है. साथ ही सरकार और CJP के बीच महत्वपूर्ण बैठक भी प्रस्तावित है. जानिए बैठक का एजेंडा, संभावित फैसले और इस कदम का परीक्षा व्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है.
शिक्षा व्यवस्था और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर पिछले कई हफ्तों से चल रहे छात्र आंदोलन में गुरुवार देर रात बड़ा घटनाक्रम सामने आया. गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार से कुछ प्रमुख मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिन पुराना अनशन समाप्त कर दिया. हालांकि, उनके अनशन खत्म करने के बावजूद आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ कर दिया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. आज कैबिनेट बैठक में सख्त पेपर बिल लाने को लेकर बातचीत होगी और एक न्यूट्रल प्वाइंट पर आज सरकार सीजेपी के साथ बैठक भी करेगी.
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो जारी कर पेपर लीक मुद्दे पर एक सख्त बिल लाने की बात कही. पीएम मोदी ने कहा, 'फ्रेंड्स, मैं जानता हूं कि पेपर लीक यह कोई मामूली विषय नहीं है. लाखों विद्यार्थी और उनके अभिभावकों के लिए... बहुत ही पीड़ादायक है और इसलिए पेपर लीक घटना से अब तक पिछले ढाई महीनों में अनेक कदम उठाए गए. गुनहगारों को पकड़ा गया है. वे जेल में पड़े हैं. हमारा सबसे महत्वपूर्ण जिम्मा था कि विद्यार्थियों का एक वर्ष बर्बाद ना हो. तत्काल परीक्षाएं लेना बहुत जरूरी था.'
कैबिनेट बैठक में सख्त बिल पर होगी चर्चा
पीएम मोदी ने अपने संदेश में आगे कहा, ' मैंने आज फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे. आज विभागों ने लगातार मेहनत करके देर रात मुझे मसौदा भी दे दिया. फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान के साथ इस मसौदे पर कल कैबिनेट में चर्चा होगी. कैबिनेट के साथियों के सुझाव के बाद उसे अंतिम रूप दिया जाएगा और सोमवार से संसद का दूसरा सप्ताह शुरू हो रहा है, तब जल्द से जल्द उस बिल को सदन में पारित कराने का प्रयास किया जाएगा.'
CJP और सरकार की आज होने वाली बैठक पर निगाहें
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को संविधान क्लब में सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं के बीच दूसरे दौर की बातचीत प्रस्तावित है. इस बैठक में आंदोलन के भविष्य और आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है. हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में यह बैठक छात्र आंदोलन की अगली दिशा तय करने के लिहाज से अहम मानी जा रही है.
जेपी नड्डा ने खत्म करवाया सोनम वांगचुक का अनशन
इसके पहले जेपी नड्डा ने पहले पूरा पत्र पढ़कर सुनाया और उसके बाद सोनम वांगचुक ने उनका हाथ पकड़कर अपना अनशन समाप्त किया. अनशन तोड़ने के कुछ देर बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने कहा कि देश में संभावित हिंसा की आशंका और लंबी बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया है. उन्होंने लिखा कि जल्द ही एक वीडियो जारी कर पूरी बातचीत और सरकार से मिले आश्वासनों की जानकारी देंगे. साथ ही लोगों से अपील की कि आंदोलन के दौरान किसी भी तरह की हिंसा से बचें और पूरी सतर्कता बनाए रखें.
CJP ने अलग रास्ता चुना, आंदोलन रहेगा जारी
सोनम वांगचुक के फैसले के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन को लेकर अलग रुख अपनाया है. पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि वांगचुक का स्वास्थ्य सबसे बड़ी प्राथमिकता था और उनके अनशन खत्म होने से राहत मिली है, लेकिन आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा.



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