G NEWS 24 : अब वंदे मातरम का अपमान किया तो जाएंगे जेल !

राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम...

अब वंदे मातरम का अपमान किया तो जाएंगे जेल !

संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत सोमवार, 20 जुलाई से हो रही है और पहले ही दिन केंद्र सरकार एक अहम विधेयक पेश करने जा रही है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे. इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम...' को भी वही कानूनी संरक्षण देना है, जो अभी तक केवल राष्ट्रीय गान 'जन गण मन...' को प्राप्त है.

अगर यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से मंजूरी हासिल कर लेता है, तो वंदे मातरम का जानबूझकर अपमान करना कानूनन अपराध माना जाएगा. मौजूदा कानून के तहत राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय ध्वज और अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं. लेकिन प्रस्तावित संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' भी इसी कानूनी दायरे में शामिल हो जाएगा. यानि राष्ट्रीय गीत के सम्मान से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने पर भी कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी.

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम के गायन का अपमान करता है, उसे बाधित करता है या उसके सम्मान के खिलाफ कोई कृत्य करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी. ऐसे मामलों में तीन साल तक की जेल,जुर्माना, या दोनों का प्रावधान रखा गया है. यही व्यवस्था फिलहाल राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के सम्मान से जुड़े मामलों में लागू होती है.

अभी राष्ट्रीय गान के दौरान सम्मानपूर्वक खड़ा होना और उसके गायन में किसी तरह की बाधा न डालना कानूनी रूप से अपेक्षित है. प्रस्तावित संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत के प्रति भी इसी तरह के सम्मान को कानूनी मान्यता मिल सकती है. सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर एक समान कानूनी व्यवस्था जरूरी है.

इस प्रस्तावित कानून से पहले 9 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक आदेश जारी किया था. इसमें सरकारी कार्यक्रमों के दौरान 'वंदे मातरम' और 'जन गण मन' दोनों के गायन को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए थे. आदेश में कहा गया था कि जहां दोनों का गायन हो, वहां पहले 'वंदे मातरम' और उसके बाद 'जन गण मन' प्रस्तुत किया जाए और इस व्यवस्था का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए.

विधेयक फिलहाल संसद में पेश किया जाना है. यदि इसे राज्यसभा और लोकसभा दोनों से मंजूरी मिल जाती है और राष्ट्रपति की स्वीकृति भी प्राप्त हो जाती है, तो वंदे मातरम को पहली बार राष्ट्रीय गान के समान स्पष्ट कानूनी संरक्षण मिल जाएगा. इसके बाद राष्ट्रीय गीत के अपमान से जुड़े मामलों में भी कानून के तहत कार्रवाई का रास्ता खुल जाएगा.

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