G News 24 : मुरार के बंशीपुरा क्षेत्र में अग्नि दुर्घटना होने से व्यापारियों का करोड़ों रुपए का हुआ नुकसान !

सीएसडी कैंटीन के इलेक्ट्रॉनिक्स गोदाम में भीषण आग, 10 करोड़ का सामान खाक...

मुरार के बंशीपुरा क्षेत्र में अग्नि दुर्घटना होने से व्यापारियों का करोड़ों रुपए का हुआ नुकसान ! 

ग्वालियर। शनिवार 25 जुलाई को उपनगर मुरार के बंशीपुरा में स्थित एक इलेक्ट्रानिक उपकरणों से भरे गोदाम में  अचानक आग लग गई। इस गोदाम से मुरार आर्मी एरिया के कैंटीन में भी उपकरणों की आपूर्ति की जाती है। आग लगने की सूचना पर नगर निगम की फायर ब्रिगेड के साथ ही सेना के जवानों ने भी मोर्चा संभाला और आग बुझाने का काम शुरू किया।

आग इतनी विकराल थी कि शहर के हर कोने से लपटें नजर आईं। ऐसे में लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना रहा कि आखिर शहर के एक हिस्से में ऐसी क्या घटना हो गई। आग को बुझाने के लिए बानमोर, मुरैना, भिंड के साथ ही एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची।

बार-बार भड़क रही थी आग

देर शाम तक लगभग 100 से अधिक गाड़ी पानी फेंककर आग को काबू में करने का प्रयास किया गया, लेकिन आग बार-बार भड़क रही थी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य का जायजा लिया। इसके अलावा पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल भी मौके पर पहुंचे और पीड़ित व्यापारी से बात कर उन्हें ढांढस बंधाया। आग लगने का प्राथमिक कारण शार्ट सर्किट ही माना जा रहा है।

शाम 4 बजे अचानक गोदाम से आगे की लपटें उठी

जानकारी के मुताबिक इलेक्ट्रानिक कारोबारी प्रदीप गुप्ता व उनके पार्टनरों परमानंद श्रीवास, अमित अग्रवाल आदि के मुरार के बंशीपुरा स्थित छावनी क्षेत्र में एक बीघा जमीन पर इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों, फर्नीचर आदि के गोदाम हैं। इसके अलावा समृद्धि इलेक्ट्रानिक्स के नाम से व्यापार भी है। इस परिसर में पांच टीन शेडों के अंदर उपकरण, फर्नीचर आदि रखे हुए थे। शनिवार की शाम लगभग चार बजे अचानक ही गोदाम से आग की लपटें उठने लगीं। धीरे-धीरे इस आग ने अन्य शेडों को भी चपेट में ले लिया। आग के चलते जब गाढ़ा-काला धुआं निकलने लगा, तो सेना के जवान सहित आसपास के लोग सक्रिय हुए और फायर ब्रिगेड को मामले की सूचना दी गई।

मशक्कत के बाद भी आग नहीं बुझी तो एयरफोर्स काे बुलाया

फायर ब्रिगेड का अमला मौके पर पहुंचा और पानी फेंकना शुरू किया, तो पता चला कि टीन शेड होने के कारण अंदर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में बैकहो लोडर मशीन मंगाकर शेड तोड़ा गया, तो आग की भयानक लपटें बाहर निकलीं। इसके बाद ठीक से बचाव कार्य शुरू हो सका। पहले ग्वालियर नगर निगम की 11 फायर ब्रिगेड गाड़ियों और 10 फायर टैंकरों के जरिए पानी फेंका गया। इसके बाद सेना के फायर टैंकर भी मौके पर पहुंच गए। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद भी आग नहीं बुझी, तो बानमोर, मुरैना, भिंड के साथ ही एयरफोर्स की गाड़ियों को भी मौके पर बुलाया गया।

इस दौरान लगभग 100 से अधिक गाड़ी पानी और 600 लीटर फोम फेंककर आग को बुझाने का प्रयास किया और साढ़े चार घंटे की कवायद के बाद भी सिर्फ 70 प्रतिशत आग ही बुझ सकी। देर रात तक बचाव कार्य जारी रखा गया। इस अग्नि दुर्घटना के कारण लगभग 10 करोड़ रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया।

देर रात तक धधकती रही आग

इलेक्ट्रानिक उपकरण होने के कारण गोदाम में लगी आग बार-बार धधकती रही। इसका कारण है कि इलेक्ट्रानिक उपकरणों में प्लास्टिक, धातु, कंप्रेसर गैस के साथ ही पैकेजिंग का सामान भी मौजूद था। एक फायर ब्रिगेड का अमला एक हिस्से में आग बुझाता था और दूसरी तरफ रुख करता, तो फिर से पहले गोदाम से आग की लपटें उठ जातीं। इसके चलते बचाव कार्य में खासी मशक्कत करनी पड़ी। देर रात तक फायर ब्रिगेड के अमले ने राहत कार्य जारी रखा और आग को ठंडा रखने का प्रयास किया।

किराए पर जमीन लेकर शुरू किया था गोदाम

प्रदीप गुप्ता ने मुरार निवासी नरेश खंडेलवाल से किराए पर जमीन लेकर ये गोदाम तैयार कराए थे। चूंकि उनके पास सेना के कैंटीन में भी इलेक्ट्रानिक उपकरणों की आपूर्ति का ठेका है, ऐसे में यहीं से कैंटीनों में भी सामान भेजा जाता था। इसके अलावा कुछ ही दूरी पर मौजूद बाबा इलेक्ट्रानिक्स नाम से सिविल एरिया में भी सेल की जाती थी। आग की घटना के बाद प्रदीप गुप्ता सदमे की स्थिति में थे। ऐसे में यह भी पता नहीं चल सका है कि उन्होंने इस गोदाम का कोई इंश्योरेंस भी करा रखा था या नहीं।

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