G News 24 : शुद्ध दूध के लिए डेयरी व्यवसायियों का बड़ा अभियान, ₹60 प्रति लीटर तक देने की घोषणा !

FSSAI मानकों केपालन और दूध आपूर्तिकर्ताओं के पंजीकरण की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन...

 शुद्ध दूध के लिए डेयरी व्यवसायियों का बड़ा अभियान, ₹60 प्रति लीटर तक देने की घोषणा !

शिवपुरी। दूध डेयरी व्यवसायी संघ (संपूर्ण भारत रजि.) की शिवपुरी इकाई ने जिले में शुद्ध एवं मिलावट रहित दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बड़ा अभियान शुरू किया है। संघ ने घोषणा की है कि यदि दूध भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों (Fat एवं SNF प्रतिशत) के अनुरूप होगा, तो किसानों और दुग्ध आपूर्तिकर्ताओं को ₹60 प्रति लीटर तक का न्यायसंगत मूल्य देने के लिए डेयरी व्यवसायी तैयार हैं।

संघ ने स्पष्ट किया कि इसके लिए केवल दो शर्तें होंगी—दूध पूरी तरह शुद्ध, मिलावट रहित एवं ताजा हो तथा सुबह का दूध सुबह और शाम का दूध शाम को ही आपूर्ति किया जाए, जिससे गुणवत्ता एवं कोल्ड चेन बनी रहे।

इसी संबंध में राष्ट्रीय महासचिव नरेन्द्र कुमार मांडिल के नेतृत्व में जिला कलेक्टर शिवपुरी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में FSSAI के नवीनतम दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की गई है।

संघ ने मांग की है कि व्यावसायिक स्तर पर दूध की आपूर्ति करने वाले सभी दूध आपूर्तिकर्ताओं का FSSAI के तहत अनिवार्य पंजीकरण कराया जाए तथा बिना वैध पंजीकरण के होने वाली व्यावसायिक दुग्ध आपूर्ति पर रोक लगाई जाए। साथ ही दूध की गुणवत्ता की जांच केवल डेयरियों पर ही नहीं, बल्कि परिवहन के दौरान और आपूर्तिकर्ताओं के स्तर पर भी नियमित रूप से की जाए।

ज्ञापन में ग्वालियर-झांसी संभाग की तर्ज पर द्वि-कालीन आपूर्ति व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई है, जिससे डेयरी संचालकों पर अतिरिक्त भंडारण और रेफ्रिजरेशन का आर्थिक भार कम हो सके।

दूध डेयरी व्यवसायी संघ का कहना है कि डेयरी संचालक किसानों को उनके श्रम का उचित मूल्य देने के पक्षधर हैं, लेकिन भुगतान FSSAI द्वारा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप शुद्ध दूध पर ही किया जाना चाहिए।

संघ ने प्रशासन से जिले में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाकर मिलावट, अवैध दुग्ध परिवहन और बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय स्तर पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो मामला खाद्य सुरक्षा आयुक्त, भोपाल और FSSAI, नई दिल्ली के समक्ष उठाया जाएगा।

ज्ञापन की प्रतिलिपि खाद्य सुरक्षा प्रशासन शिवपुरी, खाद्य सुरक्षा आयुक्त मध्य प्रदेश तथा FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नई दिल्ली को भी भेजी गई है।

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