G News 24 : अमेरिका की 8 इंजनों वाली B-52 बॉम्बर महाशक्ति औंधे मुंह गिरी,950 करोड़ की कीमत !

 अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ B-52 बॉम्बर और इसका क्रैश इतिहास...

अमेरिका की 8 इंजनों वाली  B-52 बॉम्बर महाशक्ति औंधे मुंह गिरी,950 करोड़ की कीमत ! 

ईरान के साथ ऐतिहासिक शांति समझौते पर डिजिटल हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद अमेरिका से एक बेहद बुरी खबर सामने आई. अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ माना जाने वाला और करीब 950 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत वाला B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस (Stratofortress) रणनीतिक बॉम्बर विमान सोमवार को कैलिफोर्निया के मोजावे डेजर्ट में स्थित 'एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस' पर क्रैश हो गया. यह हादसा सोमवार को दोपहर करीब 11:20 बजे हुआ. विमान ने जैसे ही उड़ान भरी, वह तकनीकी खराबी के कारण सीधे एयरफील्ड पर जा गिरा. जमीन से टकराते ही विमान में भीषण आग लग गई और देखते ही देखते आसमान में काले घने धुएं का गुबार छा गया.

मलबे में तब्दील हुआ अमेरिकी बाहुबली

जिस एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर ये हादसा हुआ, उसे दुनिया के सबसे प्रमुख फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर्स में गिना जाता है. बेस की ओर से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, हादसा रनवे के बेहद करीब हुआ, जिसके कारण पूरे एयरपोर्ट पर विमान का मलबा फैल गया. दुर्घटना की खबर मिलते ही मिलिट्री की इमरजेंसी और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं. आग पर काबू पाने के साथ ही घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया. सुरक्षा के मद्देनजर बेस के आसपास का पूरा ट्रैफिक ब्लॉक कर दिया गया है. फिलहाल आधिकारिक रूप से हताहतों की सटीक संख्या जारी नहीं की गई है.

क्या है B-52 बॉम्बर की ताकत और इतिहास?

B-52 स्ट्रैटोफोर्ट्रेस कोई आम विमान नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी सैन्य ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक है. बोइंग कंपनी द्वारा विकसित इस भारी बमवर्षक विमान में 8 शक्तिशाली इंजन लगे होते हैं. इस विमान ने पहली बार 1952 में उड़ान भरी थी, जिसके बाद इसकी अद्भुत सफलता को देखते हुए 1955 में इसे अमेरिकी वायुसेना में अधिकारिक तौर पर कमीशन (शामिल) किया गया था. यह विमान 50000 फीट की ऊंचाई पर उड़कर पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ खतरनाक परमाणु बम, क्रूज मिसाइलें और प्रिसिजन गाइडेड म्यूनिशन्स ले जाने में सक्षम है. हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता रखने वाले इस विमान के वर्तमान में 76 मॉडल अमेरिकी सेना के पास हैं, जिन्हें साल 2050 के दशक तक सर्विस में रखने का प्लान है. इसे आमतौर पर 5 क्रू मेंबर्स (2 पायलट और 3 कॉम्बैट सिस्टम ऑफिसर) मिलकर उड़ाते हैं.

क्या है B2 बॉम्बर और B-52 से पहले भी हुए हैं क्रैश?

अक्सर लोग अमेरिकी वायुसेना के B-52 और B-2 बॉम्बर विमानों के बीच भ्रमित हो जाते हैं. इस हादसे के बाद इन दोनों विमानों और इनके क्रैश इतिहास को समझना बेहद जरूरी है. B-2 स्पिरिट दुनिया का सबसे उन्नत और खतरनाक 'स्टील्थ बॉम्बर' (Stealth Bomber) है. यह दिखने में एक उड़ते हुए त्रिकोण (फ्लाइंग विंग) जैसा लगता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह दुश्मन के रडार की नजर में आए बिना उसके घर में घुसकर परमाणु और पारंपरिक हमला कर सकता है. इसकी कीमत करीब 16000 करोड़ रुपये (2 बिलियन डॉलर) प्रति विमान है. B-2 बॉम्बर ने अपनी पहली उड़ान 1989 में भरी थी और इसे 1997 में अमेरिकी वायुसेना में कमीशन किया गया था. B-2 बॉम्बर के इतिहास में 23 फरवरी 2008 को एक क्रैश हुआ था. गुआम (Guam) के एंडरसन एयर फोर्स बेस पर 'स्पिरिट ऑफ कंसास' नाम का B-2 बॉम्बर उड़ान भरते ही क्रैश हो गया था. विमान के सिस्टम में नमी (Moisture) आने के कारण यह हादसा हुआ था. हालांकि, दोनों पायलट सुरक्षित इजेक्ट कर गए थे, लेकिन यह एविएशन इतिहास का सबसे महंगा एकल विमान क्रैश माना जाता है. इसके अलावा 2010 और 2021 में भी इसके इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान मामूली हादसे हुए हैं.

कल क्रैश हुए B-52 बॉम्बर का क्रैश इतिहास

चूंकि B-52 विमान 1955 से सेवा में है, इसलिए इसके साथ पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं. 1961 में एक B-52 बॉम्बर हवा में टूट गया था और उसमें लोड दो परमाणु बम नॉर्थ कैरोलिना में गिर गए थे. 1994 में फेयरचाइल्ड एयर बेस पर एक ट्रेनिंग के दौरान B-52 क्रैश हुआ था जिसमें 4 पायलटों की मौत हो गई थी. साल 2008 में गुआम के तट के पास एक B-52 क्रैश हुआ था जिसमें क्रू की मौत हुई थी, वहीं 2016 में गुआम में ही टेकऑफ के दौरान एक B-52 जलकर खाक हो गया था, हालांकि तब क्रू सुरक्षित बच गया था. कैलिफोर्निया में हुए इस ताजा B-52 क्रैश के कारणों का पता लगाने के लिए अमेरिकी वायुसेना ने एक हाई-लेवल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन कर दिया है. 


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