G News 24 : खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग की अफवाह आग की अफवाह से मची भगदड़,4 की मौत !

 पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आए यात्री...

खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग की अफवाह आग की अफवाह से मची भगदड़,4 की मौत ! 

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना में बड़ा रेल हादसा हो गया है। उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह के बाद पटरी पर उतरे यात्रियों को पातालकोट एक्सप्रेस ने कुचल दिया, जिससे 4 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं..

मुरैना के हेतमपुर रेलवे स्टेशन के पास रविवार शाम एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक रेल हादसा हो गया, जिसमें चार यात्रियों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब एक ट्रेन में आग लगने की अफवाह के बाद घबराए यात्रियों ने चलती ट्रेन से कूदना शुरू कर दिया और उसी दौरान बगल के ट्रैक पर आ रही दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

आग की अफवाह से फैली दहशत

जानकारी के अनुसार, शाम लगभग 4 बजकर 15 मिनट पर खजुराहो से उदयपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस हेतमपुर स्टेशन के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रेन के जनरल कोच में किसी यात्री द्वारा कथित रूप से आग लगने की अफवाह फैला दी गई। यह अफवाह इतनी तेजी से फैली कि कोच में बैठे यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। घबराए हुए यात्रियों ने बिना स्थिति की पुष्टि किए चलती ट्रेन से कूदना शुरू कर दिया। कुछ यात्रियों ने अलार्म चेन पुलिंग भी कर दी, जिससे ट्रेन बीच सेक्शन में रुक गई। ट्रेन के अचानक रुकने और अफवाह के चलते स्थिति और अधिक भयावह हो गई।

दूसरे ट्रैक पर पातालकोट एक्सप्रेस के रूप मेंआई मौत !

जिस समय यात्री ट्रेन से उतरकर पटरी के आसपास भाग रहे थे, उसी समय दूसरे ट्रैक पर फिरोजपुर–सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज गति से गुजर रही थी। अफरातफरी में कई यात्री सीधे उस ट्रैक पर पहुंच गए और पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। यह टक्कर इतनी गंभीर थी कि मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई।

अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में तीन महिलाएं और एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय आफरीन, 4 वर्षीय असद, 60 वर्षीय शकुंतला और 58 वर्षीय वीरमा देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया और रेलवे ट्रैक के आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मौके पर पहुंचा प्रशासन

हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। स्थानीय पुलिस भी राहत और बचाव कार्य में जुट गई। घायलों और प्रभावित यात्रियों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। सराय छोला थाना प्रभारी केके सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ट्रेन में किसी यात्री द्वारा चेन पुलिंग किए जाने के बाद ट्रेन रुकी थी। इसके बाद कुछ यात्री घबराकर ट्रेन से उतर गए और पटरी पार करने की कोशिश करने लगे, तभी दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए।

रेलवे का आधिकारिक बयान

उत्तर मध्य रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह घटना झांसी मंडल के हेतमपुर–धौलपुर रेलखंड में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो–उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच में चेन पुलिंग के कारण ट्रेन को रोकना पड़ा। रेलवे ने बताया कि ट्रेन रुकने के दौरान कुछ यात्री ट्रेन से उतरकर समीपवर्ती ट्रैक पर चले गए। इसी दौरान दूसरी दिशा से आ रही गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर–सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया, जिससे यह गंभीर दुर्घटना हुई।

रेलवे ने यह भी कहा कि घटना के कारणों और परिस्थितियों की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अफवाह कैसे फैली और सुरक्षा चूक कहां हुई। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। रेलवे द्वारा पीड़ित परिवारों को सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। रेलवे सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ट्रेन में आग की अफवाह किसने और कैसे फैलाई, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,अफवाह इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी समझने का मौका नहीं मिला

इस घटना के बाद यात्रियों में भारी दहशत का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अफवाह इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी समझने का मौका नहीं मिला। लोग अपनी जान बचाने के लिए जल्दबाजी में ट्रेन से कूद पड़े, लेकिन यह कदम उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। स्थानीय लोगों ने भी रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि स्टेशनों और ट्रेनों में बेहतर सूचना प्रणाली और सतर्कता की जरूरत है ताकि अफवाहों पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।

जांच के आदेश

रेलवे प्रशासन ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। यह जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि चेन पुलिंग किसने और क्यों की, आग की अफवाह कैसे फैली और यात्रियों को समय रहते सुरक्षित क्यों नहीं किया जा सका। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।मुरैना के हेतमपुर स्टेशन के पास हुआ यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि अफवाहें कितनी घातक साबित हो सकती हैं। केवल एक गलत सूचना ने चार जिंदगियां छीन लीं और कई परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। रेलवे और प्रशासन अब इस बात की जांच में जुटे हैं कि आखिर ऐसी त्रासदी दोबारा न हो और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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