भारत के विरोध दर्ज कराने के बाद ईरान- अमेरिका के बीच तुमने किया,तुमने किया का इल्ज़ाम बार...
जिस हमले में मारे गए 3 भारतीय,उस अटैक को लेकर ईरान-अमरीका ने एक दूसरे पर लगाए आरोप !
खाड़ी इलाके में 3 भारतीयों की दर्दनाक मौत के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक भयंकर कूटनीतिक तूफान आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए ईरान ने शनिवार को वाशिंगटन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. ईरानी विदेश मंत्री ने सीधे तौर पर अमेरिका पर भारतीय कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने का संगीन आरोप लगाया है. ईरानी विदेश मंत्री अरागची ने इन घटनाओं को अमेरिकी सरकार की हथियारबंद लूट और सरकारी समुद्री डकैती की नीति का जीता-जागता सबूत करार दिया है. इस तीखे बयान के बाद अमेरिका, भारत और ईरान के बीच त्रिकोणीय तनाव चरम पर पहुंच गया है.
ईरान का सीधा आरोप: अमेरिका छुपा रहा है अपने गुनाह
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भारतीयो लोगों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए भारत सरकार और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने कहा कि भारतीय कमर्शियल जहाजों पर अमेरिका के क्रूर हमलों में कम से कम तीन भारतीय नागरिकों की मौत हुई है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस दादागिरी के लिए अमेरिका को जवाबदेह ठहराना चाहिए. दरअसल, यह पूरा विवाद तब भड़का जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर एक सुसाइड ड्रोन हमला करने की कोशिश की थी, जिसे अमेरिकी सेना ने नाकाम कर दिया.
भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने ट्रंप के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए बेतुका और बेबुनियाद बताया. दूतावास ने 'X' पर लिखा कि ट्रंप का ये बयान सिर्फ एक चाल है, ताकि दुनिया का ध्यान उस हमले से भटकाया जा सके जो खुद अमेरिकी नौसेना ने भारतीय जहाजों पर किया है. ईरान के मुताबिक, महज एक हफ्ते के भीतर तीन भारतीय जहाजों को निशाना बनाया गया है.
बेईमान लोग, इनसे बात करना बेकार: ईरान पर बरसे डोनाल्ड ट्रंप
दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं. ड्रोन हमले के आरोपों के साथ-साथ उन्होंने संघर्ष विराम के लिए चल रही अमेरिका-ईरान शांति वार्ता को लेकर भी ईरान के दावों की धज्जियां उड़ा दीं. ट्रंप ने कहा कि समझौते के बारे में जो बातें ईरान फैला रहा है, वह सच्चाई से कोसों दूर हैं. ईरानियों को लेन-देन के लिए बेहद बेईमान लोग बताते हुए ट्रंप ने लिखा कि उनके साथ अच्छी नीयत से कोई बातचीत हो ही नहीं सकती. उन्होंने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए लिखा कि उन्हें जल्द से जल्द अपनी हरकतें सुधार लेनी चाहिए!
जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने दर्ज कराया विरोध
इस पूरे अंतरराष्ट्रीय विवाद के बीच भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है. ओमान की खाड़ी में पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर MT सेटेबेेलो पर अमेरिकी नौसेना द्वारा की गई इस जानलेवा कार्रवाई में तीन भारतीयों की मौत हो चुकी है. भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बिना किसी हिचकिचाहट के यह गंभीर मुद्दा सीधे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने उठाया है और कड़ा राजनयिक विरोध दर्ज कराया है. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर साफ शब्दों में लिखा कि कमर्शियल और व्यावसायिक जहाजों के खिलाफ ऐसी जानलेवा और हिंसक कार्रवाई को किसी भी कीमत पर उचित नहीं ठहराया जा सकता.
मारे गए भारतीयों की हुई पहचान
इस तेल टैंकर पर कुल 28 लोगों का क्रू (चालक दल) सवार था, जिसमें से 24 भारतीय नागरिक थे, जबकि बाकी 4 विदेशी (दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी) थे. अमेरिकी हमले के बाद भारतीय नौसेना और रेस्क्यू टीमों ने मुस्तैदी दिखाते हुए 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. हालांकि, देश ने अपने तीन होनहार बेटों को खो दिया है, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई है:
1. आदित्य शर्मा (डेक कैडेट)
2. शिवानंद चौरसिया (इंजन फिटर)
3. पटनाला सुरेश (चीफ इंजीनियर)
खाड़ी देशों में छिड़ी इस आसमानी और समुद्री जंग ने भारत के व्यापारिक गलियारों में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि होर्मुज के रास्ते ही भारत का अधिकांश तेल आयात होता है.


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