G News 24 : मेक इन इंडिया से भारत में बनेगा राफेल,18 तैयार फाइटर जेट देगा फ्रांस !

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पेरिस सहित,करीब हफ्ते भर की विदेश दौरे पर रवाना...

मेक इन इंडिया से भारत में बनेगा राफेल,18 तैयार फाइटर जेट देगा फ्रांस !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज करीब हफ्ते भर की विदेश दौरे पर रवाना हो रहे हैं. पीएम मोदी शनिवार सुबह 10 बजे नई दिल्ली से रवाना होंगे.  विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पीएम मोदी 13 जून को फ्रांस और स्लोवाकिया की हफ्ते भर लंबी यात्रा पर रवाना होंगे. मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री 16-17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी 13-14 जून को फ्रांस के नीस शहर का दौरा करेंगे, जबकि 16 से 19 जून के बीच वह एवियन और पेरिस की यात्रा पर रहेंगे. मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री 14 जून को फ्रांस से स्लोवाकिया की यात्रा पर रवाना होंगे और 16 जून को फिर से फ्रांस जाएंगे. पीएम मोदी के इस दौरे में रफाल को लेकर डील की चर्चा है.

फाइटर जेट राफेल को लेकर हो सकती है बड़ी डील 

पीएम मोदी के फ्रांस दौरे पर राफेल को लेकर बड़ी डील हो सकती है. प्रधानमंत्री की फ्रांस यात्रा से पहले, राजनयिक सूत्रों ने बताया कि फ्रांस 'मेक-इन-इंडिया' के तहत मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहा है और इन जेट्स में भारतीय हथियार प्रणालियों को शामिल करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.MRFA प्रोजेक्ट के तहत, फ्रांस की प्रमुख रक्षा कंपनी डसॉल्ट एविएशन 18 राफेल विमान 'फ्लाई-अवे' स्थिति में सप्लाई करेगी और बाकी विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत हिस्सेदारी भारतीय होगी.मालूम हो कि 2015 में मोदी सरकार ने 36 राफेल फाइटर जेट खरीदने के लिए एक फ्रेमवर्क की घोषणा की थी. भारतीय वायु सेना अब इन जेट्स का संचालन कर रही है. पिछले साल, भारतीय नौसेना ने राफेल जेट के 26 मरीन वेरिएंट खरीदने के लिए 64,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था.

पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान दोनों पक्ष भारतीय नौसेना के लिए तीन और स्कॉर्पीन सबमरीन खरीदने की बातचीत में तेज़ी ला सकते हैं. इन सबमरीन को सरकारी कंपनी मज़गांव डॉक लिमिटेड (MDL) और फ्रांस की बड़ी रक्षा कंपनी नेवल ग्रुप मिलकर बनाएंगी. हालांकि रक्षा मंत्रालय ने लगभग 36,000 करोड़ रुपये के इस सौदे को दो साल से भी पहले मंज़ूरी दे दी थी, लेकिन प्रोजेक्ट के अलग-अलग तकनीकी और कमर्शियल पहलुओं को अंतिम रूप देने की बातचीत में देरी हुई है.

विदेश मंत्रालय में एडिशनल सेक्रेटरी (यूरोप-वेस्ट) पीयूष श्रीवास्तव ने कहा, "रक्षा के क्षेत्र में फ्रांस एक भरोसेमंद पार्टनर है. हम ज़्यादा से ज़्यादा स्वदेशीकरण और मिलकर विकास (को-डेवलपमेंट) पर ध्यान दे रहे हैं. मैं किसी एक खास प्रस्ताव या सौदे पर बात नहीं करना चाहता, लेकिन वहां हर चीज़ पर चर्चा होगी." खास प्रोजेक्ट्स के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "रक्षा मंत्रालय इन प्रस्तावों पर पहले से ही विस्तार से बातचीत कर रहे हैं."

फॉलो-ऑन ऑर्डर के तहत तीन स्कॉर्पीन सबमरीन खरीदने की योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "सभी मुद्दों पर चर्चा होगी. मैं इससे ज़्यादा डिटेल में नहीं जाना चाहता." भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट 75 के तहत, MDL ने नेवल ग्रुप के साथ मिलकर छह स्कॉर्पीन पनडुब्बियां पहले ही बना ली हैं.

पीएम मोदी के फ्रांस दौरे का शेड्यूल

यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री 14 जून को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक के लिए नीस जाएंगे. दोनों नेता भारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं की समीक्षा करेंगे, जिन्हें इस वर्ष की शुरुआत में एक विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक विकसित किया गया था. विदेश मंत्रालय के अनुसार, नीस में मोदी और मैक्रों ‘भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे, जो भारत, फ्रांस और अन्य देशों के शीर्ष नवाचार स्टार्टअप और वेंचर कैपिटल फंड को एक साथ लाएगा.

स्लोवाकिया जाने वाले पहले भारतीय पीएम होंगे मोदी

यात्रा के दूसरे चरण में पीएम मोदी स्लोवाकिया का राजकीय दौरा करेंगे. यह 1993 में स्लोवाकिया की आजादी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की देश की पहली यात्रा होगी. मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल और रेलवे विनिर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्लोवाकिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी.

16-17 जून को जी-7 की बैठक में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी

यात्रा के तीसरे चरण में मोदी 16-17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस सम्मेलन के दौरान मोदी जी7 नेताओं और आमंत्रित भागीदार देशों एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, जो नये सहयोग स्थापित करने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण करने; सभी के लिए संतुलित, साझा एवं टिकाऊ आर्थिक विकास सुनिश्चित करने; और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का सुरक्षित, तीव्र तथा कुशल इस्तेमाल सुनिश्चित करने पर केंद्रित सत्रों में हिस्सा लेंगे.

शिखर सम्मेलन के अलावा कई द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे पीएम मोदी

शिखर सम्मेलन से अलावा प्रधानमंत्री कई विश्व नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 18 जून को आगे की द्विपक्षीय बैठकों और यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप कार्यक्रम ‘विवाटेक शिखर सम्मेलन' में हिस्सा लेने के लिए पेरिस का दौरा करेंगे. मंत्रालय के मुताबिक, “प्रधानमंत्री की आगामी यूरोप यात्रा से फ्रांस, स्लोवाकिया और जी7 देशों के साथ भारत की साझेदारी और गहरी होगी.”

भारत इनोवेट्स 2026 क्या है, जिसका फ्रांस में उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी 

फ्रांस के नीस शहर में स्थित ‘पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स' में आयोजित किये जाने वाले इस कार्यक्रम में 120 भारतीय नवोन्मेषक, 15 उच्च शिक्षा संस्थान और 500 से अधिक निवेशक भाग लेंगे, जिनमें प्रमुख कॉरपोरेट और उद्यम पूंजी फर्म तथा कई मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल होंगे. भारत सरकार द्वारा आयोजित, ‘भारत इनोवेट्स 2026' केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की पहल है.

यह आयोजन एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण जैसे 13 प्रमुख क्षेत्रों में विस्तारित होगा, जो भारत के बढ़ते नवाचार और ‘डीप टेक' परिवेश को दर्शाता है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के भी आयोजन में शामिल होने की संभावना है.

‘भारत इनोवेट्स 2026' के लिए देश से 120 स्टार्टअप का चयन करने वाली तकनीकी निरीक्षण समिति के अध्यक्ष तथा भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद भी इसमें भाग लेंगे. मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत इनोवेट्स 2026 का नीस में पहली बार आयोजन, वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के समक्ष भारत के डीप टेक नवोन्मेषकों और स्टार्टअप को प्रदर्शित करेगा.


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