G News 24: श्री राम मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी के लवकुश मिश्रा के घर गोबर में मिले 10 लाख रूपये !

 अयोध्या श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी पर विवाद...

 श्री राम मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी के लवकुश मिश्रा के घर गोबर में मिले 10 लाख रूपये !

अयोध्या । अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया था कि राम मंदिर में भक्तों ने जो दान चढ़ाया है उसका गबन हुआ है। इन आरोपों के बाद और ट्रस्ट के कहने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच समिति (SIT) का गठन किया है।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि में गबन के आरोपों ने अब बेहद बड़ा रूप ले लिया है. मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन कर दिया है. वहीं दूसरी ओर, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने मंदिर के एक कर्मचारी लवकुश मिश्रा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है.

जांच टीम में छह सदस्य शामिल थे, जिनमें दो पुलिसकर्मी वर्दी में तथा चार अन्य सिविल ड्रेस में थे। ग्रामीणों का कहना है कि तलाशी के दौरान नकदी घर की आलमारी और अन्य स्थानों से बरामद की गई. गांव में यह भी चर्चा है कि मंदिर में नौकरी मिलने के बाद लवकुश मिश्रा की आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव आया था।

सूत्रों के अनुसार इस पूरे घटनाक्रम के बाद हुई धर-पकड़ में मंदिर के दान पेटी से निकले कैश की गिनती से जुड़े एक कर्मचारी के घर से करीब 10 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है. आरोपी युवक रुदौली के शुजागंज क्षेत्र के मीनापुर फगौली गांव का निवासी बताया जा रहा है. हैरान करने वाली बात यह है कि बरामद रकम में से कुछ हिस्सा घर की आलमारी में रखा गया था, जबकि कुछ नकदी को गोबर के ढेर में दबाकर छिपाया गया था. फिलहाल, अधिकारी इस बरामद धनराशि के स्रोत की गहराई से जांच कर रहे हैं और अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है. इसके बाद मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया है। एक कर्मचारी ने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य की भूमि खरीदी, जबकि दूसरे ने करीब 40 लाख रुपये का प्लॉट लिया है !

इन आरोपों की वजह से ट्रस्ट के ऊपर भी सवाल उठ रहे हैं। आइए जानते हैं अभी तक इस पूरे घटनाक्रम में क्या हुआ है ? अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दान में आए पैसे में गबन की खबरें सबसे पहले उस वक्त शुरू हुई जब 7 जून को समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने मंदिर से करोड़ों रुपए के गबन का आरोप लगाया।

 इसके समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया साइट पर इस मुद्दे को उठाया और कोर्ट से इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया।  उन्होंने लिखा, "भगवान राम के उपासकों के लिए एक बेहद संवेदनशील समाचार है राम मंदिर में आए चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है। क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है।

"बताया जा रहा है कि दोनों कर्मचारियों को हर माह लगभग 18 से 20 हजार रुपये वेतन मिलता था, लेकिन हाल के महीनों में उनकी संपत्तियों में असामान्य वृद्धि की चर्चा जांच एजेंसियों के रडार पर है।

पिता का दावा- मेरा बेटा निर्दोष है, जमीन गिरवी रखकर जुटाए पैसे

वहीं दूसरी ओर, आरोपी बताए जा रहे लवकुश मिश्रा के पिता बच्चूलाल ने अपने बेटे का बचाव किया है. उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा पूरी तरह निर्दोष है. बच्चूलाल ने यह तो स्वीकार किया कि जांच टीम को उनके घर से 10 लाख रुपये मिले हैं, लेकिन फैजाबाद में निर्माणाधीन मकान से उनके बेटे का कोई संबंध नहीं है. उनका तर्क है कि मकान निर्माण के लिए उन्होंने अपनी कृषि भूमि (खेती की जमीन) गिरवी रखी है.

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