निगम आयुक्त के नोटिस से मची खलबली,मंहगी पड़ी लापरवाही...
कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर 32 अधिकारियों-कर्मचारियों पर गिरी गाज !
भोपाल। भोपाल में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर नगर निगम प्रशासन ने कडा रूख अपना लिया है। इस महत्व के कार्य के लिए आहूत महत्वपूर्ण बैठक से नदारद रहना 32 अधिकारी-कर्मचारियों को भारी पड गया है। निगम ने कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले 13 सहायक यंत्रियों, 16 उपयंत्रियों, 2 सुपरवाइजरों और एक समयपाल को कारण बताओं नोटि जारी किया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन के निर्देेश पर जारी इन नोटिसों में स्पष्ट किया गया है कि बैठक में अनुपस्थित रहने से न केवल प्रेशासनिक कार्य प्रभावित हुआ है बल्कि यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
बता दें कि सोमवार तक स्पष्टीकरण देने को कहा है अगर संतोषजनक उत्तर न मिलने या उपस्थित न होने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्रवाई होगी। लोकस्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग ने तो और भी सख्त रूख दिखाया है। विभाग ने जबलपुर के एक अधिकारी को सीधे निलंबित कर दिया। प्रभारी मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, जबलपुर और यह श्रेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं जबलपुर संभाग, यानी दो प्रमुख पदों से अधिकारी को हटाकर भोपाल बुला लिया।
कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर इन पर गिरी गाज
सहायक यंत्री (एई): आदित्य शर्मा, गौरव प्रजापति, केसी गुप्ता, अजय सोलंकी, शुभम वर्मा, निशांत तिवारी, एसबी सिंह, चंदन पिपलाद, ज्योति मानकेले, पवन मेहरा, अभिषेक मालवीय, अंकुर रायजादा और अमन सिंह।
उपयंत्री (एसई): संजय बराडिय़ा, अमर सिंह यादव, आकृति पटेल, आदित्य खरे, अनिता मेहर, शुभकामना ठाकुर, सत्यम सिंह, अमित कुमार दुबे, कीर्ति तोमर, अजय राजावत, अमित दुबे, जोगेन्दर सिंह, रूपांकन वर्मा, जितेन्द्र गुप्ता और शीतल विश्वकर्मा।


0 Comments