G News 24 : भारत के लिए तेहरान ने होर्मुज से 2 LPG टैंकरों के गुजरने की मंजूरी दी !

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने भारत को एक मित्र देश बताया  ...

भारत के लिए तेहरान ने होर्मुज से 2 LPG टैंकरों के गुजरने की मंजूरी दी !

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद खाड़ी देशों से आने वाले तेल और गैस टैंकर को लेकर दूसरे देशों में आवाजाही थम सी गई है. भारत में भी तेल और गैस के टैंकरों की आवाजाही में आई कमी का असर दिखाई दिया. इस बीच गुरुवार (12 मार्च) को देर रात ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बातचीत की. इस बातचीत के बाद पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत ईरान का दोस्त है. ऐसे में उनकी सरकार कूटनीति को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. इसके बाद शुक्रवार को तेहरान ने भारत के दो एलपीजी टैंकरों को होर्मुज से गुजरने की इजाजत दे दी है. 

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद यह पहला मौका है जब भारत इतनी मजबूती से ईरान के साथ खड़ा हुआ है. शुक्रवार (13 मार्च) को तेहरान ने भारतीय एलपीजी टैंकरों को होमुर्ज स्टेट से सुरक्षित निकलने की इजाजत दे दी है. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत के प्रति बहुत ही संतुलित और रचनात्मक रुख रखकर दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और उसके प्रयासों की भी सराहना की है. जब भारत में ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली से पूछा गया कि क्या तेहरान भारत के झंडे वाले जहाजों को होर्मुज स्टेट पार करने देगा, तो उन्होंने इसका जवाब 'हां' में दिया था.

ईरान ने पीएम मोदी से मांगी BRICS की भूमिका

शुक्रवार की शाम को फथाली ने मीडिया को जवाब देते हुए बताया, 'हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है. आप इसे 2-3 घंटों के भीतर देख लेंगे. हमारा मानना ​​है कि इस क्षेत्र में भारत और ईरान के हित एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं.'  होर्मुज इलाके में ईरान की नाकेबंदी की वजह से फारसी खाड़ी में भारत के 28 जहाज फंसे हुए हैं. PM मोदी से बातचीत में, ईरान के राष्ट्रपति ने शांति प्रयासों में BRICS की भूमिका मांगी. भारत ने पिछले कुछ दिनों में ईरान के साथ अपना संपर्क तेज कर दिया था, ताकि सामान और ऊर्जा के बिना किसी रुकावट के आवागमन की जरूरत पर जोर दिया जा सके.  ईरान की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान BRICS जैसे मंचों के जरिए नई दिल्ली के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसकी अध्यक्षता अभी भारत कर रहा है और उन्होंने दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के इस समूह से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. 

दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने भी BRICS के मुद्दे पर बात की

मोदी-पेजेशकियन बातचीत के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पिछले दो सप्ताह में अपने ईरानी समकक्ष सैयद अराघाची के साथ चौथी बार बातचीत की, जिसके दौरान BRICS से जुड़े मुद्दों पर फिर से चर्चा हुई. भारत अभी BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और जैसा कि ईरान ने अपने बयान में कहा, अराघाची ने क्षेत्रीय और वैश्विक संगठनों से अमेरिका-इजरायल की सैन्य आक्रामकता की निंदा करने की मांग की. अराघाची ने कहा, 'इस समूह को मौजूदा हालात में क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने में रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए.' 

फथाली ने भारत को ईरान का महत्वपूर्ण साझेदार बताया

फथाली ने भारत को ईरान के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार बताया और इस क्षेत्र में दोनों देशों के साझा हितों की ओर इशारा करते हुए कहा, 'हमारा मानना ​​है कि ईरान और भारत के इस क्षेत्र में साझा हित हैं.' फथाली ने नई दिल्ली और तेहरान के बीच व्यापक संबंधों के बारे में भी बात की, और इसे दोस्ती और सहयोग पर आधारित संबंध बताया. उन्होंने कहा, 'हमारा मानना ​​है कि ईरान और भारत दोस्त हैं. हमारे साझा हित हैं, हमारी साझा आस्था है.' फथाली ने मुश्किल दौर में ईरान को समर्थन देने में भारत की भूमिका का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'भारत में राजदूत के तौर पर मैं कहता हूं कि इस स्थिति में, युद्ध के बाद, भारत सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में हमारी मदद की. 

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