ये कृत्य पीड़िता के शरीर पर नहीं बल्कि उसके मन मस्तिष्क और आत्मा पर गहरा आघात है : HC
दतिया के जंगल में विदेशी महिला से हुए गैंगरेप के मामले में हाईकोर्ट ने दिया बड़ा फैसला !
ग्वालियर। मध्य प्रदेश ग्वालियर की हाईकोर्ट खंडपीठ ने विदेशी महिला पर्यटक से दतिया के जंगलों में गैंगरेप करने वाले आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया है. गैंगरेप के आरोपी उम्र कैद की सजा काट रहे हैं.उन्होंने अपनी सजा को निरस्त करने के लिए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाई कोर्ट ने कहा कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है यह पीड़िता के शरीर पर नहीं बल्कि उसके मन मस्तिष्क और आत्मा पर गहरा आघात है. यह अपराध उस समय और भी ज्यादा घिनौना हो जाता है जब एक विदेशी महिला यहां की संस्कृति को जानने समझने के लिए भारत आई हो।
आपको बता दें कि दतिया में हुए इस घटना ने पूरे क्षेत्र को देश में शर्मसार कर दिया था। यह वही समय था जब दिल्ली में निर्म कांड जैसी घटना भी हुई थी। यदि देखा जाए तो यह घटना भी दिल्ली के निर्भया कांड से किसी भी मायने में कम गंभीर नहीं है और इस मामले में तो पीड़ित एक विदेशी महिला थी जिसके वजह से देश की छवि अंतर्राष्ट्रीय पटल पर भी धूमिल हुई जिस तरह से महिला के साथ गलत कृत्य किया गया और उसके पति के साथ भी मारपीट की गई। इस घटना ने देश की छवि को धूमिल किया था।
मार्च 2013 में स्विस दंपति साइकिल से भारत यात्रा पर निकले थे.15 मार्च को वो दतिया पहुंचे और यहां झारिया गांव के जंगल में टेंट लगाकर रात्रि विश्राम करने लगे. इस दौरान रात में सात आठ बदमाश वहां आ धमके। उन्होंने पति को बंधक बनाकर विदेशी महिला से दुष्कर्म किया, उनका कीमती सामान भी लूट ले गए. बाद में इस सिलसिले में आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया. उनके खिलाफ गैंगरेप लूट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था. अधीनस्थ न्यायालय ने छह आरोपियों रामप्रीत ऋषि भूरा बृजेश और विष्णु को उम्र कैद की सजा से दंडित किया था।










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