G News 24 : “क्रिमिनल ट्रायल लिटिगेशन” विषय पर 30 घंटे का वैल्यू एडेड कोर्स हुआ संपन्न !

 प्रेस्टीज प्रबंधन एवं शोष संस्थान के विधि विभाग में...

“क्रिमिनल ट्रायल लिटिगेशन” विषय पर 30 घंटे का वैल्यू एडेड कोर्स हुआ संपन्न !

ग्वालियर। प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के विधि विभाग द्वारा 10 जनवरी 2026 से 16 फरवरी 2026 तक "क्रिमिनल ट्रायल लिटिगेशन"  पर एक महत्वपूर्ण वैल्यू एडेड कोर्स का सफल आयोजन किया गया. हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कोर्स में देश भर से 111 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जो इसके राष्ट्रीय महत्व को दर्शाता है.

इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य छात्रों को नियमित पाठ्यक्रम से हटकर व्यावहारिक और कौशल-आधारित कानूनी शिक्षा प्रदान करना था. कोर्स के दौरान कुल 11 सत्र आयोजित किए गए, जिनमें सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (ए0ओ0आर), सार्वजनिक अभियोजकों और अनुभवी शिक्षाविदों ने छात्रों का मार्गदर्शन किया. जिसमें   एफ. ए. शाह (एडवोकेट, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ग्वालियर), एडवोकेट अभय तायल (एओआर), एडवोकेट आर. एच. ए. सिकंदर (एओआर), एडवोकेट अश्विनी दुबे (एओआर), एडवोकेट आशीष बरगले (विशेष अभियोजक, ईडी), एडवोकेट संदीप जिंदल (एओआर), सुश्री आस्था तिवारी (सहायक प्रोफेसर, एमएनएलयू), एडवोकेट शिव कुमार भार्गव (सहायक जिला अभियोजन अधिकारी), एडवोकेट मयंक शर्मा (सहायक जिला अभियोजन अधिकारी), पार्थ दीक्षित (एडवोकेट, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ग्वालियर) और मनोज शाही (एडवोकेट, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और डीआरटी) विशेषज्ञ शामिल थे जिन्होंने अपने-अपने विषय पर सभी विधि के छात्र एवं छात्राओं को कानून की बारीकी उसे अवगत कराया। 

इन सत्रों में आपराधिक मुकदमेबाजी के व्यावहारिक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें मुकदमे की रणनीति, जमानत संबंधी न्यायशास्त्र, गवाहों की जांच और जिरह, साक्ष्यों का मूल्यांकन, मसौदा तैयार करने के कौशल और पेशेवर नैतिकता शामिल हैं। 

न्यायमूर्ति रोहित आर्य , पूर्व न्यायाधीश, म.प्र. उच्च न्यायालय,  ने  बताया कि कानून के क्षेत्र में  विधि  के  योगदान और निर्णयों को कानूनी शिक्षा के दौरान अक्सर एक बेंचमार्क के रूप में देखा जाता है तथा विशेष रूप से संवैधानिक और आपराधिक न्याय के सिद्धांतों को समझने के लिए कानून को समझना बहुत जरूरी है तथा उन्होंने बताया कि प्रेस्टीज के विधि विभाग के सभी छात्र-छात्राएं बहुत ही कर्मठ है उन्होंने सभी छात्र एवं छात्राओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

मनोज शाही , एडवोकेट एमपी हाई कोर्ट, ग्वालियर एंड डीआरटी, ने बताया कि  ड्राफ्टिंग स्किल्स, साक्ष्यों की सराहना  और पेशेवर नैतिकता छात्र एवं छात्रों में होना बहुत जरूरी है उन्होंने धारा 138 डिशऑनर ऑफ चेक के बारे में विस्तार से बताया  उन्होंने कानून की बारीकियां पर प्रकाश भी डाला ।

एफ.ए. शाह, एडवोकेट एमपी हाई कोर्ट, ग्वालियर, ने बताया कि   छात्रों को आपराधिक मामलों में ट्रायल स्ट्रेटजी और जमीनी स्तर की कानूनी बारीकियों अबकत होना बहुत जरूरी है  तथा उन्होंने सभी छात्र एवं छात्राओं को क्रॉस एग्जामिनेशन के बारे में विस्तार से बताया।

संस्थान के निदेशक, प्रोफेसर डॉ. निर्मल्या बंद्योपाध्याय ने कहा कि संस्थान का  विधि विभाग  निरंतर अकादमिक उत्कृष्टता और व्यावहारिक कौशल विकास की दिशा में कार्य कर रहा है इस तरह के वैल्यू एडिट कोर्स सभी छात्र एवं छात्राओं के  सर्वांगीण  विकास में महत्वपूर्ण होते हैं।

संस्थान के विधि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राखी सिंह चौहान ने बताया कि क्रिमिनल लिटिगेशन में "एक्सपेरिमेंटल लर्निंग" और व्यावसायिक क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जाना जरूरी है. डॉ. चौहान के पास 23 वर्षों से अधिक का अकादमिक और वकालत का अनुभव है जो उन्होंने सभी विधि के छात्र-छात्राओं के साझा किया।

कार्यक्रम के दौरान  "कोर्ट रूम कंपास 100 कैसे लॉस एवरी क्रिमिनल लॉयर मस्ट नो" विषय पर बुक का न्यायमूर्ति रोहित आर्य द्वारा अनावरण भी किया गया तथा 30 दिवसीय वैल्यू एडेड कोर्स का व्याख्यान सह-प्राध्यापिका ऋचा मित्तल के द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में संस्थान के, सह-प्राध्यापक आबिल हुसैन , सह-प्राध्यापक राहुल श्रीवास्तव , सह-प्राध्यापिका मानसी गुप्ता ,सह-प्राध्यापिका  ऋचा मित्तल , सह-प्राध्यापक साहिल वर्मा तथा सह-प्राध्यापक आदित्य नारायण मिश्रा मौजूद रहे तथा कार्यक्रम का  संचालन सह-प्राध्यापिका जिज्ञासा वोहरा और सभी का आभार व्यक्त सह-प्राध्यापिका मानसी  सोनी ने किया। इस 30 दिवसीय वैल्यू एडेड कोर्स  की  समन्वयक  सह-प्राध्यापिका ऋचा मित्तल , सह-प्राध्यापिका  जिज्ञासा वोहरा तथा  सह-प्राध्यापिका मानसी सोनी रही। 

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