G News 24 : भारत और अमेरिका से आम जनता के लिए क्या बदलेगा,क्या होगा सस्ता, क्या होगा महंगा !

 भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील,दोनों देशों के साझा ऐलान की बड़ी बातें...

 भारत और अमेरिका से आम जनता के लिए क्या बदलेगा,क्या होगा सस्ता, क्या होगा महंगा !

भारत और अमेरिका जिस डील पर लंबे समय से बात कर रहे थे वो आखिरकार पूरी हो गयी है. भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील का फ्रेम वर्क जारी कर दिया गया है. वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारतीय एक्सपोर्टर्स, खासकर MSMEs, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खोलेगा. गोयल ने ये भी कहा कि एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी से देश की महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे. केंद्र सरकार के मुताबिक, इस फ्रेमवर्क से भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा अमेरिकी बाजार खुलेगा.

शनिवार को भारत और अमेरिका ने एक संयुक्त बयान जारी किया है. संयुक्त बयान के मुताबिक, भारत अमेरिकी खाद्य और कृषि प्रोडक्ट्स की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ खत्म करेगा या कम करेगा. इससे कई अमेरिकी आयात भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सस्ते होने की उम्मीद है. ये बयान एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए फ्रेमवर्क की घोषणा करते हुए जारी किया गया.

इन प्रोडक्ट्स के दाम में होगी कटौती

भारत और अमेरिका डील में जिन उत्पादों पर टैरिफ में कटौती होने वाली है. उनमें सूखे डिस्टिलर ग्रेन (DDGs), पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, और वाइन और स्पिरिट शामिल हैं. टैरिफ में ये बदलाव अंतरिम समझौते में बताई गई आपसी प्रतिबद्धताओं का हिस्सा हैं. इसका मकसद व्यापार तनाव को कम करना और दोनों पक्षों के लिए बाजार पहुंच में सुधार करना है.

संयुक्त बयान में ये भी कहा गया है कि अमेरिका और भारत ये घोषणा करते हुए खुश हैं कि वे आपसी और पारस्परिक रूप से फायदेमंद व्यापार के संबंध में एक अंतरिम समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमत हुए हैं. इस फ्रेमवर्क के तहत संयुक्त राज्य अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर देगा. भारत ने अमेरिकी निर्यात को प्रभावित करने वाली लंबे समय से चली आ रही गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर सहमति व्यक्त की है. इसमें चिकित्सा उपकरण, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी सामान और खाद्य और कृषि उत्पाद शामिल हैं.

5 सालों में 500 अरब डॉलर का सामान खरीदेगा भारत 

अमेरिका, भारतीय मूल के सामानों पर 18% की रेसिप्रोकल टैरिफ दर लागू करेगा. इसमें कपड़ा, परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक, रसायन, घर की सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी शामिल हैं. अमेरिका ने ये भी कहा है कि वह भारतीय निर्यात के एक व्यापक समूह पर पारस्परिक टैरिफ हटा देगा. इसमें जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जे शामिल हैं. इस फ्रेमवर्क में कुछ विमानों और विमान के पुर्जों पर टैरिफ कम करने और डिजिटल व्यापार में बाधाओं को दूर करने की प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं. भारत ने ये भी संकेत दिया है कि वो अगले पांच सालों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी एनर्जी प्रोडक्ट्स, एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल खरीदने का इरादा रखता है.

द्विपक्षीय व्यापार समझौते को मिलेगी मजबूती

दोनों देशों ने कहा कि वे फ्रेमवर्क को तुरंत लागू करने और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, इसका लक्ष्य आपसी फायदे वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते को पूरा करना है. भारत-अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारतीय कृषि उत्पादों को व्यापक सुरक्षा मिली है, इसके अंतर्गत प्रमुख उत्पाद शामिल हैं- सब्जियां और फ्रोजन सब्जियां: आलू, मटर, तोरी, प्याज, कुंदरू, कद्दू, लहसुन, खीरा, शिमला मिर्च, शकरकंदफलियां और अन्य उत्पाद: काबुली चना, मशरूम.

ट्रेड डील की मुख्य बातें ...

  1. भारतीय सामान पर टैरिफ 50% से घटकर 18% हुआ 
  2. 30 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट MSMEs, किसानों और मछुआरों के लिए खुला 
  3. गेहूं, चावल, मक्का, दूध, पनीर, पोल्ट्री और अन्य प्रोडक्ट्स पर कोई समझौता नहीं
  4. महिलाओं और युवाओं को मिलेगा रोजगार
  5. जेनेरिक दवाएं, हीरे-जवाहरात और विमान के पुर्जों पर टैरिफ 0%
  6. भारत 500 अरब डॉलर का ऊर्जा, विमान, धातु, तकनीक और कोल का सामान अमेरिका से खरीदेगा
  7. टेक्सटाइल, रेडीमेड कपड़े, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और कुछ मशीनरी में अवसर बढ़ेंगे
  8. गेहूं, चावल, मक्का, दूध, पनीर, पोल्ट्री और अन्य उत्पादों पर कोई समझौता नहीं.

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