G NEWS 24 : मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: योजनाओं, विद्युतीकरण और नए पेंशन नियमों को मंजूरी !

अविद्युतीकृत घरों में बिजली और आईटी संवर्ग कर्मचारियों को आयु सीमा में छूट...

मंत्रि-परिषद के बड़े फैसले: योजनाओं, विद्युतीकरण और नए पेंशन नियमों को मंजूरी !

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में राज्य सरकार ने कई अहम नीतिगत फैसलों को मंजूरी दी। बैठक में जनजातीय कार्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए कुल 7,133 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृत राशि के अंतर्गत पीवीटीजी आहार अनुदान योजना, एकीकृत छात्रावास योजना, सीएम राइज विद्यालय योजना, आवास सहायता योजना, अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति तथा कक्षा 9वीं छात्रवृत्ति जैसी प्रमुख योजनाएँ शामिल हैं। 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल सेवा योजना के लिए भी अलग से राशि मंजूर की गई है। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम् गायन के साथ हुई। मंत्रि-परिषद ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत अविद्युतीकृत घरों और शासकीय संस्थानों में विद्युत अधोसंरचना विस्तार को भी मंजूरी दी है। योजना के अंतर्गत 63 हजार 77 घरों और 650 शासकीय संस्थानों के विद्युतीकरण के लिए 366 करोड़ 72 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों का वित्तीय अंश शामिल रहेगा। 

साथ ही दूरस्थ और छोटी बसाहटों के 8 हजार 521 घरों में ऑफ-ग्रिड सोलर एवं बैटरी प्रणाली से बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका पूरा व्यय राज्य शासन वहन करेगा। निर्धारित लागत सीमा के भीतर आने वाले क्षेत्रों में वितरण कंपनियों के माध्यम से ऑन-लाइन प्रणाली से विद्युतीकरण किया जाएगा। बैठक में उच्च न्यायालय और जिला न्यायालय के आईटी संवर्ग में कार्यरत कर्मचारियों को भी राहत दी गई। तकनीकी संवर्ग की वर्तमान और आगामी भर्ती प्रक्रियाओं में भाग लेने के लिए इन्हें एक बार के लिए अधिकतम आयु सीमा में पाँच वर्ष की छूट देने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में अनारक्षित वर्ग के लिए आयु सीमा 40 वर्ष और आरक्षित वर्ग के लिए 45 वर्ष निर्धारित है।

इसके अतिरिक्त मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम 2026, पेंशन के सारांशीकरण नियम 2026 तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से संबंधित नए कार्यान्वयन और उपदान नियम 2026 को भी अनुमोदित कर दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील होंगे। नए नियमों में पेंशन संबंधी प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाया गया है, परिवार पेंशन के दायरे का विस्तार किया गया है तथा अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को भी पात्र सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। साथ ही एनपीएस से जुड़े प्रावधानों में सेवानिवृत्ति, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र और मृत्यु की स्थिति में निकास, अंशदान और उपदान भुगतान की स्पष्ट प्रक्रिया तय की गई है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को सुविधा मिल सके।

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