G News 24 : रमजान में बेईमानी की सजा,9 लोगों को हुई जेल !

 रोजा नहीं रखने पर पुलिस ने चलाया चाबुक ...

रमजान में बेईमानी की सजा,9 लोगों को हुई जेल !

रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत हो गई है. इस महीने में लोग रोजा रखते हैं. रमजान को अल्लाह की इबादत, रहमत और हिदायत का महीना भी कहा जाता है, इस दौरान सुबह से शाम तक बिना कुछ खाए-पीए रोजा रखा जाता है. सुबह के समय सहरी और शाम को इफ्तार किया जाता है. हालांकि नाइजीरिया में इस्लामिक पुलिस ने इस्लामिक पुलिस ने रमजान के दौरान रोजा न रखने पर नौ मुसलमानों को गिरफ्तार किया है. नाइजीरिया में रोजा न रखने की वजह से 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें महिलाएं भी शामिल हैं. इन्हें इस साल रमजान के रोजे के पहले दिन खाना खाते हुए देखा गया था.

कहां गिरफ्तार किए गए लोग?

नाइजीरिया के उत्तरी राज्य कानो में इस्लामिक पुलिस ने बुधवार को नौ मुसलमानों को गिरफ्तार किया है. जिन्हें इस साल रमजान के रोजे के पहले दिन खाना खाते हुए देखा गया था. बता दें कि कानो में ज्यादातर मुस्लिम आबादी है, जहां इस्लामिक कानूनी सिस्टम - शरिया सेक्युलर कानून के साथ चलता है. हिस्बाह के नाम से जानी जाने वाली इस्लामिक पुलिस, हर साल रमजान के दौरान कैफे, रेस्टोरेंट और बाजारों की तलाशी लेती है ताकि यह पक्का किया जा सके कि मुसलमान रोजे के समय का पालन कर रहे हैं. कानो के उन इलाकों में कुछ जगहें खुली रहती हैं जहां कई ईसाई रहते हैं.

महिलाएं और पुलिस हैं शामिल

हिस्बाह के डिप्टी कमांडर जनरल मुजाहिद अमीनुद्दीन ने BBC को बताया कि हिरासत में लिए गए नौ लोगों सात पुरुष और दो महिलाएं हैं. इन्होंने रमजान शुरू होने के बारे में अनजान होने का नाटक किया था. उन्होंने कहा कि हमने उन्हें अरेस्ट कर लिया है और वे हमारे साथ हैं, जहां हम उन्हें रोजे की अहमियत, नमाज कैसे पढ़ें, कुरान कैसे पढ़ें और बेहतर मुसलमान कैसे बनें, यह सिखाएंगे.

कब होगी रिहाई?

हालांकि यह साफ नहीं है कि हिस्बाह उन्हें कब रिहा करने का प्लान बना रही है. पहले भी ऐसे ही मामलों में, अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए लोगों के परिवारों से संपर्क किया है ताकि यह पक्का किया जा सके कि उनकी रिहाई के बाद उन पर ठीक से नजर रखी जाए ताकि वे महीने के आखिर तक रोजा रख सकें. 

लागू किया गया था शरिया

लगभग दो दशक पहले, नाइजीरिया के 12 उत्तरी राज्यों में, जहां ज्यादातर मुस्लिम आबादी है, सेक्युलर कानून के साथ काम करने के लिए शरिया लागू किया गया था. मुसलमानों के लिए, सूरज उगने और सूरज डूबने के बीच खाना मना है. रोजा इस्लाम के पांच पिलर्स में से एक है, जो इस बात का आधार है कि मुसलमानों को अपनी जिंदगी कैसे जीनी चाहिए. हर साल की तरह इस बार भी रमजान के 29 या 30 दिनों के बीच चलने की उम्मीद है. 

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