शर्मनाक और समाज को शर्मसार करने बाली घटना...
बस कंडक्टर ने महिला से की मारपीट और बीच रास्ते पर बस से उतारकर भाग गया।
प्रदेश में चलने वाली प्राइवेट बसेज का दूरी के हिसाब से किराया तय न किए जाने एवं टिकट व्यवस्था को ठीक से लागू नहीं किए जाने के कारण बस कंडक्टर सवारी के साथ किस प्रकार की आबद्धता करते हैं यह इस वीडियो के माध्यम से आपको दिखाने का प्रयास किया गया है। जब इस महिला ने कंडक्टर को मुंह मांगा किराया नहीं दिया तो कंडक्टर ने किस प्रकार से महिला के साथ धक्का- मुक्की करते हुए उसे बस से नीचे फेंक दिया, और इतना ही नहीं उसका सामान भी बस से निकाल कर सड़क पर फेंक दिया ।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कंडक्टर ने महिला को तमाम भद्दी गालियां दी। इसके बाद महिला ने भी आक्रोशित होकर गालियों के जवाब में कंडक्टर को भी गालियां देना शुरू कर दिया। जब महिला के साथ इस प्रकार का व्यवहार बस कंडक्टर द्वारा किया जा रहा था उसे दौरान महिला के साथ उसका नाबालिक बच्चा भी था जो महिला के साथ हो रहे इस प्रकार के व्यवहार को आशहाय होकर देख रहा था। इस घटना का बस में बैठी किसी भी सवारी ने कोई विरोध नहीं किया जबकि ऐसा बिल्कुल भी होना नहीं चाहिए था। अगर कोई किसी के साथ गलत कर रहा है तो गलत करने वाले को घटनास्थल पर मौजूद लोगों के द्वारा उसे रोका टोका जाना चाहिए। क्योंकि जब ऐसे लोगों को कोई रोकता-टोकता नहीं है तो इनके हौसले और बढ़ जाते हैं और यह अपनी मनमानी करने से बाज नहीं आते हैं।
एक तरफ तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री लाडली बहनों को सम्मान राशि देकर सम्मानित कर रहे हैं, दूसरी तरफ एक अवोध बालक जिसके लिए उसकी मां से बढ़कर दुनियां में कुछ भी नहीं है, उसी के सामने उसकी मां का का अपमान किया जा रहा है ! यह घटना सुनारी चौकी एवं करैरा थाना के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र की बताई जा रही है, महिला से जबरदस्ती अधिक किराया वसूली को लेकर विवाद होना बताया जा रहा है, जिसके बाद यह शर्मनाक घटना हुई, किसी भी परिस्थिति में महिला के साथ हिंसा, अपमान और जबरन वसूली पूरी तरह अस्वीकार्य होना चाहिए।
एक महिला का अपमान केवल उसकी नहीं, बल्कि पूरे समाज की गरिमा पर प्रश्न होता है। बस मे बैठे किसी भी महिला-पुरुष का इस घटना का विरोध ना करना उनकी कायरता एवं स्वार्थ को दिखाता है।
शासन प्रशासन को ऐसे कंडक्टर पर सख्त कार्रवाई करते हुए बस ऑपरेटर को भी निश्चित किराया तय करने और सवारी से किराया वसूलने के यह एवज में टिकट देना सुनिश्चित किया जाने के लिए निर्देशित किया जाए। तय किराए से ज्यादा वसूले जाने पर न सिर्फ बस का परमिट रद्द हो बल्कि जो चालक या प्रचालक बस में ज्यादा किराया वसूल करता है उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करें।
हम पीड़ित बहन के साथ मजबूती से खड़े हैं और उसके सम्मान, सुरक्षा और न्याय की मांग करते हैं। सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस प्रशासन, परिवहन विभाग और समाज सभी की जिम्मेदारी है। हम माँग करते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष व त्वरित जाँच कर दोषी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी बहन-बेटी के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो।
नारी का सम्मान हम सबकी जिम्मेदारी,उसके साथ हिंसा,अभद्रता और अन्याय के किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए...










0 Comments