G NEWS 24 : प्रेम प्रसंग को छिपाने के लिये मां ने अपने ही बेटे को छत से फेंका !

मौत के बाद ज्योति डरी-सहमी और घबराई हुई रहने लगी...

प्रेम प्रसंग को छिपाने के लिये मां ने अपने ही बेटे को छत से फेंका !

ग्वालियर। 3 वर्षीय मासूम की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायालय ने मां ज्योति राठौर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है। जबकि पर्याप्त सबूत नहीं होने पर उसके प्रेमी उदय इंदौलिया को बरी कर दिया है। यह फैसला शनिवार को परिस्थितियजन्य साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया। घटना 28 अप्रैल 2023 की ठाठीपुर (थर्टीफोर यानी कि 34) थाना इलाके की हैं ज्योति राठौर पड़ोस में रहने वाले अपने प्रेमी उदय इंदौलिया के साथ छत पर थी। इसी बीच उसका बेटा जतिन छत पर पहुंच गया। उसने मां को प्रेमी की बाहों में देख लिया। इस बात के खुलासा होने के डर से ज्योति ने जतिन को 2 मंजिला छत से नीचे फेंक दिया। 

ऊंचाई से गिरने की वजह बच्चे के सिर में गंभीर चोटें आयी। उसे ग्वालियर के जयारोग्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां एक दिन उपचार के बाद 29 अप्रैल को उसकी मौत हो गयी। बच्चे के पुलिस कान्स्टेबल पिता ध्यानसिंह शुरूआत में इसे हादसा मानते रहें। अब ज्योति से घटना के वक्त को लेकर सवाल किये गये तो वह अलग-अलग जवाब देने लगी। इतना ही नहीं, जब पुलिसकर्मी पति ने उसे छत पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रियेट करने के लिये कहा तो वह अलग-अलग जगह अपनी मौजूदगी बताने लगी। इससे शक और बढ़ता गया। एक दिन अचानक महिला रो पड़ी और उसने जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने कहा है कि उसने जतिन को चोट पहुंचाने के लिये नहीं बल्कि जान लेने के इरादे से ही छत से फेंका था। 

हालांकि इसकी वजह वह कभी दुकान तो कभी कोई और वजह बताने लगी। बेटे जतिन की मौत के बाद ज्योति डरी-सहमी और घबराई हुई रहने लगी थी। वह रात में अचानक घबराकर जाग जाती थी। पति ध्यान सिंह को लगा कि पत्नी बेटे की मौत के गहरे सदमे में है। इसी वजह से उसे नींद नहीं आ रही है, लेकिन ज्योति की हालत दिन-ब-दिन खराब होती चली गई। डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। दरअसल, ज्योति के रात में जागने की वजह यह थी कि उसका मरा हुआ बेटा जतिन उसे बार-बार सपनों में दिखाई देता था। उसे आभास होने लगा था कि जतिन की आत्मा घर में भटक रही है। उसका जीना मुहाल हो जाएगा। इसी डर के चलते एक दिन उसने पति के सामने जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि गुस्से में उसने बेटे को छत से धक्का दे दिया था। यह कबूलनामा सुनकर पुलिसकर्मी पति ध्यान सिंह खुद को रोक नहीं सका और उसने तय कर लिया कि वह अपनी पत्नी को सजा जरूर दिलाएगा।

हालांकि, इस घटना का कोई प्रत्यक्ष सबूत या गवाह नहीं था। इसके चलते ध्यान सिंह ने पहले पत्नी ज्योति को विश्वास में लिया और उससे लगातार घटना को लेकर बातचीत करने लगा। साथ ही वह इन बातचीत को मोबाइल में रिकॉर्ड भी करने लगा। सबूत जुटाए, फिर पहुंचा थाने -करीब दो महीने तक सबूत जुटाने के बाद जून में ध्यान सिंह थाटीपुर थाना पहुंचा और पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने ज्योति राठौर को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में उसने पुलिस को भी गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती के आगे पूरा सच सामने आ गया।

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