पूरे शहर की जल आपूर्ति प्रणाली की निरंतर निगरानी हेतु...
इंदौर जल संकट के बाद ग्वालियर में कांग्रेस ने बनाई 12 सदस्यीय समिति
ग्वालियर। हाल ही में इंदौर में दूषित पानी के सेवन से हुई दुखद घटनाओं ने प्रदेशभर में चिंता की लहर पैदा कर दी है। इस घटना में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई, जबकि सैकड़ों नागरिक गंभीर रूप से बीमार हुए। यह पूरा मामला जल प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है, जिसे कांग्रेस ने भाजपा सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक विफलता का परिणाम बताया है।
इसी पृष्ठभूमि में शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने ग्वालियर शहर में स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कांग्रेस के अनुभवी पार्षदों की 12 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति विशेष रूप से उन 27 स्थानों पर ध्यान केंद्रित करेगी, जहां हालिया जांचों में पानी में हानिकारक बैक्टीरिया और प्रदूषण के उच्च स्तर पाए गए हैं। इन क्षेत्रों में जल गुणवत्ता सुधार के लिए त्वरित कदम उठाने के साथ-साथ पूरे शहर की जल आपूर्ति प्रणाली की निरंतर निगरानी की जाएगी।
समिति के संयोजक की जिम्मेदारी मनोज राजपूत को सौंपी गई है, जबकि कपिल शर्मा को सह-संयोजक बनाया गया है। समिति में श्रीमती सरोज हेवरन कंषाना, श्रीमती साईदा आसिफ अली, श्रीमती अनीता रामू कुशवाह, केदार बारहादिया, श्रीमती चंदनी जंग बहादुर चौहान, श्रीमती अनीता मुकेश धाकड़, श्रीमती किरण धर्मेंद्र वर्मा, प्रमोद खरे, अंकित कटठल और सुरेन्द्र साहू को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह समिति केवल निगरानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जहां-जहां जल संकट या दूषित पानी की शिकायतें सामने आएंगी, वहां प्रशासन पर दबाव बनाकर तत्काल समाधान सुनिश्चित कराने का प्रयास करेगी, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक को दूषित पानी के कारण जान न गंवानी पड़े।










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