G News 24 : गौ हत्या में तीन लोगों को हुई उम्रकैद,18 लाख जुर्माना !

 गऊ हत्या पर ऐसी सजा का यह पहला मामला ...

गौ हत्या में तीन लोगों को हुई उम्रकैद,18 लाख जुर्माना !

अहमदाबाद। गऊ हत्या के तमाम मामले देश के किसी न किसी क्षेत्र से अक्सर सुर्खियों में आते रहते हैं। उस पर कार्यवाही भी होती है लेकिन आजतक इतनी बड़ी सजा किसी गऊ हत्यारे को मिली हो। वह कभी देखने को नहीं मिला और यही कारण है कि सख्त सजा न होने के चलते गऊ हत्या जैसे जगन्य पाप पर हमारे देश में विराम नहीं लग रहा है और दोषी इसी का लाभ लेकर पकड़े जाने के बाद भी गऊ हत्या के काम में लिप्त रहते हैं लेकिन अब ऐसे गऊ हत्यारों की शाम आने वाली है क्योंकि एक न्यायालय के निर्णय ने एक उदाहरण पेश किया है जब न्यायालय ने गऊ हत्या के दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

मामला गुजरात के अमरेली शहर का है जहां सत्र न्यायालय ने गऊ हत्या के एक मामले में तीन लोगों को दोषी पाया है और दोष सिद्ध होने पर तीनों को ही उम्र कैद की सजा सुनाई है।उम्र कैद की सजा के साथ साथ तीनों दोषियों पर कुल अठारह लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। पूरे देश में संभवतः यह ऐसा पहला मामला है जब किसी गऊ हत्यारे को इतनी सख्त सजा सुनाई गई हो। यहां हत्यारों को न केवल जुर्माना लगाया गया है बल्कि ता उम्र अब जेल में बिताना होगी। हालांकि इन दोषियों के पास ऊपरी अदालत में जाकर गुहार लगाने का विकल्प खुला हुआ है।

अमरेली सत्र न्यायालय के विशेष लोक अभियोजक चंद्रेश मेहता ने जानकारी दी है कि सत्र न्यायालय के न्यायाधीश रिजवाना बुखारी ने तीन आरोपियों कासिम हाजी सोलंकी सत्तार स्माइल सोलंकी अकरम हाजी सोलंकी को गुजरात पशु संरक्षण अधिनियम दो हजार सत्रह की तमाम धाराओं में दोषी पाया है। और दोष सिद्ध होने पर यह सजा सुनाई है। गोहत्या का यह मामला 2023 का है जब कुछ व्यक्तियों द्वारा गाय को पकड़कर उनका वध कर गऊ। मांस की सूचना अमरेली पुलिस को मिली थी। जब पुलिस ने एक घर में छापा मारा था तो वहां गोकशी के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार गाय के शेष अवशेष के साथ साथ चालीस किलो गऊवास बरामद हुआ था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उन पर गुजरात पशु संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। 

पशु संरक्षण अधिनियम की धारा 5 के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर उम्रकैद की सजा का प्रावधान है। साथ ही इस धारा में ₹500000 के जुर्माने का भी प्रावधान है। इसी के साथ इस अधिनियम की धारा छह बी में सात साल की जेल और एक लाख रुपए का प्रावधान है। इन तीनों को इन दोनों धाराओं के अंतर्गत ही दोषी पाया गया है और दोष सिद्ध होने पर न्यायालय द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के साथ साथ अठारह लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। इस निर्णय को गोरक्षक एक उदाहरण की तरह देख रहे हैं। इस सख्त आदेश के बाद संभवतः गऊ हत्यारों को यदि सख्त सजा का भय होगा तो आने वाले समय में गऊ हत्या के मामलों में कमी आएगी। 

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