नरेंद्र मोदी कोई सामान्य राजनेता नहीं हैं !
आधुनिक युग के विधुर और चाणक्य का कॉम्बो हैं मोदी !
गाँधी जी ने अहिंसा की आड़ में अपने चहेते मुसलमानों को एक अलग देश दे दिया ! मुसलमानों के हाथों लाखों हिंदू मारे गये। हमारी हिन्दू बहनों के साथ अनगिनत दुष्कर्म और बलात्कार किये गये !
सैकड़ों मंदिरों में कुरान पढ़ी गई. लेकिन गांधी ने हिंदुओं के लिए कुछ नहीं किया. भगवत गीता किसी मस्जिद में नहीं पढ़ाई गई. कांग्रेस के वोट बैंक की रक्षा के लिए तीन करोड़ मुसलमानों को भारत से पलायन करने से रोका गया।
75 साल बाद असली चाणक्य आया है. वह भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के आधे रास्ते पर पहुंच गए हैं।' मुसलमानों का विश्वास जीतने की आड़ में वह भारत में मुसलमानों पर उल्लेखनीय तेजी से राजनीतिक शिकंजा कस रहा है।
आपको लगता है कि मोदी इस बात से अनजान हैं कि मुसलमान कैसे वोट करते हैं ! वह गणनाएँ हममें से अधिकांश से बेहतर जानते है। वह जानते हैं कि 25 अक्टूबर 1951 से कांग्रेस ने यह कैसे किया है। वे अभी भी मुस्लिम वोट बैंक को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं। वह उन्हें खेलने दे रहा है।*एल
- मोदी ने गांधी-गांधी का नारा लगाया लेकिन मूर्ति सरदार पटेल की बनवा दी !
- मोदी ने गांधी, गांधी का नारा लगाया और सुभाष चंद्र बोस की वीरता का गुणगान करके और उस दिग्गज के नाम पर एक संग्रहालय बनाकर स्वतंत्रता दिवस मनाया।
- मोदी ने गांधी-गांधी का जाप किया और धारा 370 ख़त्म कर जम्मू-कश्मीर से राजनीतिक इस्लामीकरण को हमेशा के लिए ख़त्म कर दिया।
- मोदीजी ने गांधी-गांधी का जाप किया लेकिन 2 अक्टूबर को लाल बहादुर शास्त्री को महत्व देकर नई पीढ़ी को जागृत कर दिया।
- बाकी सब कुछ उनकी सर्वोत्तम योजना के अनुसार चल रहा है। मोदी एक मिशन पर हैं; उसे निराश मत करो। यह राजनीतिक संन्यासी हमारी और बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों की समझ से परे है।










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