पॉक्सों एक्ट के आरोपी 26 वर्षीय अमित केशरवानी को 20 वर्ष के करावास की हुई सजा 

नाबालिग को बहला कर दुष्कर्म के आरोपी आजीवन कारावास

अनूपपुर। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अनूपपुर की न्यायालय ने थाना जैतहरी के अपराध पर धारा 363, 366ए, 376(2) एन भादवि एवं 5(ठ)/6 पॉक्सों एक्ट के आरोपी 26 वर्षीय अमित केशरवानी पुत्र गोपाल केशरवानी निवासी लवनरोड गायत्री मंदिर के सामने बलौदा बाजार थाना बलौदा बाजार (भाटापारा) जिला बलौदा बाजार (छ.ग.) को 5 अलग-अलग घाराओं में आजीवन का कारावास एवं कुल 5000/- रूपये अर्थदण्डज की सजा सुनाई गई हैं। जिसमें धारा 363, 366ए भादवि में 5-5 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 1-1 हजार रू. का अर्थदण्ड , धारा 376(2)(एन) भादवि में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार रू. अर्थदण्ड , धारा 5(ठ)/6 पॉक्सो् एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1 हजार रू. अर्थदण्डा तथा धारा 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 1 हजार रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया है। जेल की सभी सजाएं एक साथ चलने के कारण कुल मिलाकर 20 वर्ष के करावास की सजा हुई हैं। पैरवी विशेष लोक अभियोजक/जिला अभियोजन अधिकारी रामनरेश गिरि ने की। 

जिला अभियोजन अधिकारी ने गुरूवार को बताया कि फरियादी ने अपनी पत्नी के साथ थाने में मौखिक रिपोर्ट 01 जून 18 को बताया कि मेरी लडकी घर से कहकर निकली कि मैं स्मार्ट कार्ड बनवाने जैतहरी जा रही हूं इसके बाद घर वापस नही आई शाम को फोन में आया कि आपकी लडकी बिलासपुर स्टेशन में है तब रात्रि के जैतहरी थाना में मौखिक सूचना दे, लडकी का पता करने के लिये जैतहरी और अनूपपुर रेल्वे स्टेशन गया वहां रेल्वे पुलिस में उक्त घटना की सूचना दिया। रात्रि 2 बजे फिर उक्त नंबर से काल आया कि आपकी लडकी अनूपपुर स्टेशन में है कुछ देर बाद फोन आया कि आपकी लडकी पेण्ड्रा स्टेशन में है बिलासपुर जा रही है l 

उक्त नंबर पता करने पर पता चला कि नंबर अमित केशरवानी का है जिसका ननिहाल मेरे गांव का ही सोनू गुप्ता के यहां पाटन में हैं। 02 जून 18 को मेरे घर सोनू गुप्ता आकर बताया कि आपकी लडकी बीमार है वह बिलासपुर के रेल्वे स्टेशन में है अमित और उसके मां बाप उसके साथ में उसे रोक कर रखें है। 03 जून 18 की रात्रि सोनू गुप्ता व अमित केशरवानी के पिता मेरी लडकी को मेरे घऱ चार पहिया वाहन से पहुंचाये। मेरी लडकी बताया की 01 जून 18 को अमित केशरवानी मुझे फोन कर जैतहरी बुलया था फिर जैतहरी से बिलासपुर लेकर गया था। 

उसी दिन 2-3 बजे दिन (पीडिता की बुआ का लडका) के साथ घर के पास टंकी मे नहाने के लिये गई थी वह उसको बोली कि तुम नहाओ तब तक मै आती हूँ कहकर चली गई फिर (पीडिता की बुआ का लडका) घर मे आकर बताया कि पीडिता फ्रेश होने के लिये मुझे बताकर चली गई है। परिवार के लोग पीडिता को ढूंढने चले गये जो कोई पता नही चला। आरोपित इस घटना के पूर्व भी पीडिता को अमरकंटक घुमाने के नाम से ले गया था और वहां जंगल में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया था। रिपोर्ट पर अपराध पाये जाने से अपराध पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया। सम्पूर्ण विवेचना पश्चाेत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया जहां न्या यालय ने सजा सुनाई।