सवारी वाहनों में लगेगा पैनिक बटन और ट्रैकिंग डिवाइस ...

PS,TC के साथ RTO करेंगे वाहन की मॉनीटरिंग : परिवहन आयुक्त



ग्वालियर l परिवहन आयुक्त संजय झा अपनी टीम के साथ समस्याओं के समाधान और  मध्यप्रदेश के वाहन चालकों परेशानी से बचाने के लिये निराकरण करने में जुटे है। पिछले वर्षा की अपेक्षा राजस्व वसूली 8 से 9 प्रतिशत अधिक हुई। पोर्टल पर वाहन रजिस्टर्ड करने संबंधी परेशानियों के समाधान की दिशा में पहल करते हुए उप परिवहन आयुक्त दिलीप तोमर की अध्यक्षता कमेटी गठित की है। मध्यप्रदेश के वाहन चालकों का आने वाली परेशानी के समाधान के लिये काम करेगी। एक सवाल के जबाव में परिवहन आयुक्त संजय झा ने न्यूजमेलटूडे से बात करते हुए कहीं है।

सवारी और माल भाड़ा बस और ट्रकों को ध्यान में रखते हुए जिससे वाहनों के लिये दिये गये रूट परमिट पर चलें इसके लिये ट्रेकिंग डिवाइस के लिये अभियान चलाकर वाहनों में लगवाई जायेगी और ट्रैकिंग डिवाइस के लगने पर भोपाल में बने कंट्रोल रूम में वाहन की लोकेशन, सही रूट मार्ग पर चलने की मॉनीटरिंग की जायेगी। गलत रूट पर चलने वाले वाहनों पर कार्यवाही की जायेगी।

शहर और शहर के बाहर चलने वाले सवारी वाहनों में पैनिक बटन लगाया जायेगा इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। पैनिक बटन लगाने का काम अक्टूबर से शुरू हो जायेगा। जिससे रास्ते में घटने वाली घटनाओं की जानकारी सीधे डायल 100 पर पहुंचेगी और सीधे पुलिस घटनास्थल पर पहुंच सकेगी। इसकी मॉनीटरिंग प्रमुख सचिव, परिवहन आयुक्त, आरटीओ करेंगे।

अभी पिछले दिनों पोर्टल पर काम करने वालों भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। परिवहन आयुक्त ने अपनी टीम के साथ बैठक कर समस्याओं के समाधान के बड़े स्तर पर जुटे है। जिसकी वजह से दूसरे प्रदेशों में वाहनों के बीमा और संबधी दस्तावेज दिखाई देने लगे हैं। आज की तारीख पोर्टल पर लगभग 25 हजार वाहन रजिस्टर्ड हो गये हैं।मध्यप्रदेश सरकार ने परिवहन विभाग में राजस्व वसूली का लक्ष्य 3800 करोड़ रूपये का दिया था अभी तक 4 हजार करोड़ रूपये की वसूली हो गयी है। पिछले वर्षो की अपेक्षा वसूली काफी ठीक है।

मध्यप्रदेश में वाहन खरीद कर अन्य प्रदेशों में रजिस्टर्ड हो रहे है। आपको बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है। परिवहन आयुक्त कार्यालय से प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया गया है जिसमें 2 प्रतिशत टैक्स कम करने के लिये बताया गया है। इससे वाहन में मध्यप्रदेश में ही रजिस्टर्ड होंगे और राजस्व में इजाफा होगा।