पकिस्तान में बाढ़ से हाहाकार एक हजार से अधिक की मौत

पूरी तरह से डूब चुका है  एक तिहाई पाकिस्तान !



पाकिस्तान के कई राज्यों में हालात बेहद खराब है। अब तक 1,100 से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। तीन करोड़ से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं।   स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 24 घंटे के अंदर 75 लोगों ने दम तोड़ दिया। 59 की हालत गंभीर है।  पाकिस्तान में आई बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या 1,136 पहुंच गई है। ये आंकड़े सरकारी हैं। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक 2,500 से भी ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। बाढ़ के चलते 3.3 करोड़ लोगों को घर छोड़ना पड़ा है। ये आंकड़ा पाकिस्तान की आबादी के करीब सातवें हिस्से के बराबर है। तीन हजार से ज्यादा लोग घायल हैं। एक तिहाई पाकिस्तान पूरी तरह से डूब चुका है।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने बाढ़ को लेकर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को 10 अरब अमेरिकी डॉलर तक का नुकसान हुआ है। करीब 10 लाख घर पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। करोड़ों लोगों को पीने के लिए साफ पानी नहीं मिल रहा। इसके साथ ही करीब 7.19 लाख पशु भी मारे गए हैं और लाखों एकड़ उपजाऊ भूमि लगातार बारिश से जलमग्न हैं।पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चारों तरफ सड़कें टूट गईं हैं। ब्रिज टूट गए हैं। कई जिलों का संपर्क टूट गया है। लोगों को बिजली, पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। सबकी सप्लाई ठप हो चुकी है।

पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग फंस गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा में 10 हजार से ज्यादा गांव का कनेक्शन पाकिस्तान के अन्य इलाकों से पूरी तरह से टूट गया है। यहां फंसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए पाकिस्तानी एयरफोर्स की मदद ली जा रही है।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ नेदुनियाभर से मदद मांगी है। पाकिस्तान की तरफ से 160 मिलियन डॉलर फंड की मांग भी यूएन से की गई है।पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ के चलते सिंध में पानी से होने वाली बीमारियां काफी बढ़ गईं हैं। इसकी चपेट में सिंध के सैकड़ों बच्चे आ चुके हैं। डाइरिया, बुखार, खांसी-जुखाम जैसे मामले अब आम हो चुके हैं। सांप काटने के भी कई मामले सामने आ चुके हैं। पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में बाढ़ से प्रभावित लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। बड़ी संख्या में लोग कैंप में रह रहे हैं। इसके अलावा सड़कों पर भी रहने को मजबूर हैं। पाकिस्तान सरकार ने बताया कि करीब 50 हजार लोगों ने कराची में भी शरण ली है।