रायरू में होने जा रहे इस राज्य सम्मेलन में एकजुट होंगे किसान !

किसान आंदोलन को मजबूती देगा मप्र किसान सभा का राज्य सम्मेलन

ग्वालियर l 2022 में भी किसानों की आय दोगुनी नहीं हो पाई है। ऐसे समय जब मध्यप्रदेश में जब लहसुन की कीमत 40 पैसे प्रति किलो तक आ गई हो तो समझा जा सकता है कि खेती किसानी कहां है। संयुक्त किसान मोर्चा को सरकार द्वारा किए लिखित वादे भी पूरे नहीं हुए। एमएसपी के लिए कानून अब तक नहीं बन पाया है। ऐसे में देश में किसान आंदोलन की सुगबुगाहट के बीच मध्य प्रदेश किसान सभा 23, 24 और 25 सितंबर को ग्वालियर में राज्य सम्मेलन करने जा रही है।

ग्वालियर के रायरू में होने जा रहे इस राज्य सम्मेलन में मध्यप्रदेश में किसानों को एक बार फिर एकजुट करने की रणनीति तय होगी। सम्मेलन में 23 सितंबर को खुला सत्र भी होगा। मध्य प्रदेश किसान सभा के महासचिव बादल सरोज और अध्यक्ष रामनारायण कुररिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मध्य प्रदेश किसान सभा के इस सम्मेलन की जानकारी दी। सम्मेलन का उद्घाटन किसानों के राष्ट्रीय नेता और राजस्थान के पूर्व विधायक अमराराम करेंगे जबकि समापन देश के सबसे बड़े किसान संगठन अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक ढवले करेंगे। अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय वित्त सचिव और केरल के पूर्व विधायक पी कृष्ण प्रसाद इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल रहेंगे।

मध्य प्रदेश किसान सभा के महासचिव बादल सरोज के मुताबिक यह सम्मेलन मध्य प्रदेश में खेती किसानी से जुड़ी मांगें और देश को कॉरपोरेट कंपनियों की गुलामी से बचाने तथा नौजवान पीढ़ी के भविष्य की रक्षा के लिए आंदोलन की नई दिशा तय करेगा। प्रदेश के किसानों को संगठित करने की भी इस सम्मेलन में योजना तैयार की जाएगी। किसान नेता बादल सरोज ने कहा कि मध्य प्रदेश में लहसुन को किसान नदियों में बहा रहे हैं कमोबेश यही हाल सरसों से लेकर धान के हैं। नकली बीज और खाद की किल्लत से प्रदेश के किसान दो चार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दूध और उसके उत्पादों की कीमत पहले से ही लागत से कम थी, रही सही कसर सरकार ने दूध, दही, पनीर, छाछ, लस्सी पर जीएसटी लगाकर किसानों की कमर तोड़ दी है।