भगवान विश्वकर्मा का जन्म दिवस मनाया निर्माण दिवस के रूप में ....

भगवान विश्वकर्मा है निर्माण एवं सृजन के देवता :छविराम विश्वकर्मा 



ग्वालियर।  तकनीकी और विज्ञान के जनक भगवान विश्वकर्मा की पूजा अर्चना जनकल्याणकारी है। हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण एवं सर्जन का देवता माना गया है। यह बात विश्वकर्मा समाज कल्याण समिति के अध्यक्ष छविराम विश्वकर्मा ने समिति द्वारा गुड़ा गुड़ी के नाका स्थित विश्वकर्मा जी के मंदिर पर श्री विश्वकर्मा भगवान के जन्म दिवस/पूजन दिवस के उपलक्ष में रामायण पाठ, महाआरती एवं भंडारा प्रसादी वितरण कार्यक्रम में कही। 

उन्होंने कहा भारतीय परंपरा में निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को विश्वकर्मा की संतान कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार उन्हीं के प्रारूप पर स्वर्ग, देवताओं के अस्त्र-शस्त्र, पुष्पक विमान, इंद्रपुरी, यमपुरी, वरुणपुरी, पांडवपुरी, कुबेरपुरी, शिवमंडलपुरी, सुदामापुरी आदि का निर्माण हुआ। भगवान विश्वकर्मा बहुमुखी कलाकार और शिल्पकार है। मान्यता है कि सोने की लंका का निर्माण भी उन्होंने ही किया था। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से छविराम विश्वकर्मा, सुदामा विश्वकर्मा, कमल विश्वकर्मा, मनोज विश्वकर्मा, वीर विश्वकर्मा सहित विश्वकर्मा समाज के लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहे।