अंचल के बड़े नेता पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा और पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह मंच से नदारद रहे...

गडकरी की मौजूदगी में सिंधिया के मेगा शो में सिंधिया वर्सेस भाजपा !

सांकेतिक तस्वीर

ग्वालियर। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार को ग्वालियर में 1199 करोड़ से भी ज्यादा के विकास कार्यों और परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को गदगद कर गए। भाजपा में शामिल होने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का यह अब तक सबसे अहम मेगा शो रहा जिसमें सिंधिया और भाजपा अलग अलग नजर आए। मंच पर नेताओं की मौजूदगी से लेकर भीड़ जुटाने की पूरी कवायद सिंधिया समर्थक मंत्रियों के हाथ रही। और यही वजह रही कि भाजपा के कई नेता इस राजनीतिक शो में नजर नहीं आए।

भाजपा में अंदरखाने की खबर तो यह है कि सिंधिया के इस मेगा शो में पार्टी के कई बड़े नेताओं को न्योता ही नहीं दिया गया। शिलान्यास और लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा सिंधिया समर्थक तीन मंत्री तुलसी सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर और गोविंद राजपूत मंच पर उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर चौकी ग्वालियर चंबल अंचल के बड़े नेता हैं इसलिए उनके समर्थक मंत्री भारत सिंह कुशवाहा को भी न्योता गया। हालांकि पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा और पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह की गिनती क्षेत्र के बड़े नेताओं में होती है लेकिन ये मंच से नदारद रहे। इन तीनों को बुलाया नहीं गया या फिर इन्होंने बायकाट किया इसे लेकर भाजपा में चुप्पी है। सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री मुन्नालाल गोयल को जरूर मंच पर जगह मिली। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नितिन गडकरी को विजनरी नेता बताया तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्वालियर में विकास अब उड़ान भर रहा है।

वैसे मुख्यमंत्री से पूछा जा सकता है कि उनके अब तक के मुख्यमंत्रित्व काल में उनकी सरकार ने क्या कोई विकास कार्य नहीं कराया है। हालांकि उन्होंने 15 महीनों की कमलनाथ सरकार पर विकास कार्यों को ठप करने का आरोप भी लगाया। इस कार्यक्रम में नितिन गडकरी पार्टी के किसी भी नेता को निराश करके नहीं गए। इस इस मौके पर वह ग्वालियर में फूल बाग से किले तक बनने वाले रोप वे के निर्माण का भी भरोसा दिला गए, जो पिछले 40 सालों से अब तक नहीं बन पाया है। कुछ साल पहले यह योजना नए सिरे से रफ्तार पकड़ती लेकिन यह केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और सांसद विवेक शेजवलकर की राजनीति का शिकार हो गई।