ऐसे सजा दो पूरे हिंदुस्तान को…

हर घर तिरंगा लहराए


ऐसे सजा दो पूरे हिंदुस्तान को,

गौरवान्वित जिससे मिट्टी हमारी

भारत के इस स्वाभिमान को।।


यह अभियान नहीं है कोई,

यह स्वाभिमान की बात है

बच्चा बच्चा जानेगा अब 

भारत भूमि के सम्मान को ।।


इस आजादी की खातिर 

कितनों ने जान लुटाई है।

तब जाकर सम्मानजनक,

तिरंगे की एक निशानी पाई है।।


यदि मातृभूमि हमारी माता है

तो तिरंगे से पहचान हमारी है

राष्ट्रहित में कार्य करे हम सब ,

अबकी हमारी बारी है ।।


यूंही नहीं निर्मित हुआ तिरंगा

यह भारत राष्ट्र को दर्शाता है 

स्वतंत्रता का पैगाम लिए , 

यह स्वतंत्र ही लहराता है ।।


आओ शपथ ले हम सब मिलकर

जन जन तक यह पहुंचाना है

जो है भारत से प्यार तुम्हे तो 

घर-घर तिरंगा फहराया जाना है।।


प्रतिभा दुबे

(स्वतंत्र लेखिका)