पुलिस मामले को संदिग्ध मान कर हर पहलू से कर रही है जांच 

कर्ज से परेशान ट्रांसपोर्टर ने खुद को गोली मारी


ग्वालियर। कर्ज से परेशान ट्रांसपोर्टर ने जान देने के लिए खुद को कट्टे से गोली मार ली। घटना महाराजपुरा थाना क्षेत्र के शताब्दीपुरम में बुधवार सुबह चार बजे की है। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए भर्ती कराया है। महाराजपुरा थाना क्षेत्र के शताब्दीपुरम निवासी अनिल समाधिया पुत्र कालीचरण समाधिया पेशे से ट्रांसपोर्टर है और उनके ट्रक चलते हैं। बीती रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चले गए और बुधवार सुबह चार बजे के करीब गोली चलने की आवाज आई तो परिजन कमरे में पहुंचे तो वह घायल पड़े हुए थे और उनकी कनपटी के पास से खून निकल रहा था। मामले का पता चलते ही पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद घायल को उपचार के लिए जेएएच पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू कर दिया।

पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि ट्रांसपोर्टर पर कर्जा है और कर्जे के चलते वह परेशान है और इसी के चलते खुद को गोली मारकर जान देने का प्रयास किया है। वहीं ट्रांसपोर्टर ने बताया कि और जो कारतूस चला हुआ मिला है वह पहले उसने चलाया था और चोट उसे तखत से लगी है। फिलहाल पुलिस डॉटरों से पता लगा रही है कि घाव गोली का है या फिर तखत का है।

ट्रांसपोर्टर समाधिया जान देने की कोशिश में तो बच गया पर जो कहानियां पुलिस को सुनाई जा रही हैं वे पुलिस वालों के गले नहीं उतर रही हैं। इसलिए है। मौके का बारीकी से मुआयना करने के बाद पुलिस अफसरों का कहना है कि जो साक्ष्य हैं वे साफ चुगली कर रहे हैं कि मामला खुद को गोली मारने का है और जो गिरने के बाद तखत से आई चोट की कहानी सुनाई जा रही है उसमें कोई दम नहीं है।

ट्रांसपोर्टर की कनपटी में घाव देखने को मिला है। घाव एक इंच व्यास का है तो उसके चार इंच व्यास के दायरे में लैकनिंग यानी काला धब्बा देखने को मिला है। पुलिस अफसरों का कहना है कि यह ब्लैकनिंग तभी आती है जब शरीर से सटा कर फायर किया जाए। ऐसा करने पर नाल से निकलने वाली आग खाल को झुलसा देती है और इसे ही फोरेंसिक साइंस की भाषा में ब्लैकनिंग कहा जाता है।जांच कर रहे पुलिस अफसरों ने कहा, साक्ष्य हमनें एकत्र कर लिए हैं। कट्टा भी मिल गया है। इसलिए दूसरी कहानी तो अपने आप दी दम तोड़ गई है।