बाजार में कम पड़े तिरंगे !

ध्वज की डिमांड 10 गुना बढ़ी, बाजार में दुकानदारों ने बंद की बुकिंग

मोदी सरकार ने इस साल आजादी के 75 साल पूरे होने पर इसे आजादी का अमृत महोत्सव के रूप में मनाने का ऐलान किया है. आजादी के अमृत महोत्सव में हर घर तिरंगा फहराने की मुहिम में देश के नागरिकों का उत्साह देखने लायक है. वहीं, केंद्र सरकार के हर घर तिरंगा फहराने के इस विशेष अभियान को सफल बनाने में उसे राज्य सरकारों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है. इसके चलते इस साल तिरंगा की मांग काफी बढ़ गई है.

दिल्ली के सदर बाजार में चुनाव से जुड़े बैनर, पोस्टर व झंडा बनाने वालों के चेहरों पर तिरंगा की बढ़ती मांग से रौनक लौट आई है. सदर बाजार के कारोबारियों का कहना है कि उन्हें बड़ी संख्या में तिरंगा झंडा बनाने का ऑर्डर मिल रहा है. आलम ये है कि लोग 100, 500, 5000 से लेकर 10000 झंडे खरीदने आ रहे हैं. आपको बता दें कि हर घर तिरंगा अभियान 13 से 15 अगस्त तक चलाया जाएगा.

केंद्र सरकार द्वारा 'हर घर तिरंगा' अभियान के आह्वान के बाद से दिल्ली के सदर बाजार में राष्ट्रीय ध्वज की मांग बढ़ गई है. एक कारोबारी ने बताया, "डिमांड में 10 गुना बढ़ोतरी हुई है. जो लोग छपाई से जुड़ा कोई भी काम कर रहे थे वे इस बार हर काम छोड़ कर बस तिरंगा बना रहे हैं." तिरंगा की मांग इतनी ज्यादा की जा रही है कि उसे बनाने वाले कारीगर कम पड़ गए हैं. कई दुकानदारों ने तो नया ऑर्डर लेने से ही इंकार कर दिया है. तिरंगा की बढ़ती मांग को देखते हुए अब दुकानदारों ने बाजार में झंडों की बुकिंग ही बंद कर दी है. 

इस बार बाजार में कागज के तिरंगा की बजाय कपड़े के तिरंगा की मांग ज्यादा है. दुकानदार खुद भी तिरंगा कम पड़ने से निराश हैं और ग्राहकों को भी तिरंगा नहीं मिलने से निराश होकर लौटना पड़ रहा है. वहीं, मांग बढ़ने और उसकी सप्लाई कम होने के कारण दिल्ली में तिरंगा के दाम बढ़ गए हैं, जिसके कारण दूसरे राज्यों में भी इसके दामों में वृद्धि की गई है. दूसरों राज्यों के कारोबारियों का कहना है कि उन्हें दिल्ली से ही माल नहीं मिल रहा है. शुरुआत में 100 से 2000 तक की बुकिंग थी. एक दो की ही बुकिंग दे पाए. दिल्ली से माल पूरा नहीं मिलने के कारण ग्राहकों को मना करना पड़ रहा है. कई दुकानदार मांग पूरी नहीं होने के कारण एक दो से अधिक तिरंगा नहीं बेच रहे हैं. दुकानदारों के मुताबिक, पिछले सालों के मुकाबले तिरंगा की मांग बढ़ी है. पिछले साल स्वतंत्रता दिवस से आठ दिन पहले केवल चार से पांच तिरंगा ही बिकते थे. इस बार 50 से 60 तिरंगा एक दिन में बिक रहे हैं.