किया था अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने का निवेदन…

कल्याण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के 4 डॉक्टरों पर FIR दर्ज

ग्वालियर। कल्याण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के 4 डॉक्टरों पर दर्ज हुई एफ.आई.आर। डॉ. अशोक शर्मा निवासी शकुंतला पुरी की शिकायत पर कल्याण मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल पड़ाव ग्वालियर के डॉ. खुशाली कोटेचा, डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. आदित्य तिवारी एवं डॉ. अरुण तिवारी के विरुद्ध रोगी सचिन शर्मा की ट्रीटमेंट फाइल में कूट रचना कर धोखाधड़ी करने के संबंध में धारा 420 ,467, 468, 471, 34 भारतीय दंड विधान की एफ.आई.आर क्रमांक 359/2022 दिनांक 29 जुलाई 2022 को पंजीबद्ध हुई। डॉ. अशोक शर्मा के पुत्र सचिन शर्मा का इलाज दिनांक 24 अप्रैल 2021 को कल्याण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल पड़ाव में फेफड़े में इन्फेक्शन की शिकायत के साथ भर्ती किया गया था। रोगी की आरटीपीसीआर अथवा रैपिड एंटीजन टेस्ट की जांच कराए बिना रोगी को कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया था। 

जिससे रोगी को कोरोना संक्रमण हो गया और दिनांक 9:05 2021 को रोगी सचिन की मृत्यु हो गई। रोगी के पिता ने उपचार में लापरवाही की शंका होने पर कल्याण हॉस्पिटल से रोगी की ट्रीटमेंट फाइल की प्रमाणित प्रति प्राप्त की थी। उपचार सीट में लापरवाही किए जाने की बात पता चलने पर डॉ. अशोक शर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ग्वालियर को शिकायत करते हुए अस्पताल का पंजीयन निरस्त करने का निवेदन किया था। सीएमएचओ कार्यालय द्वारा डॉक्टरों की कमेटी बनाई थी कमेटी द्वारा जांच किए जाते समय अस्पताल प्रबंधन द्वारा रोगी की ट्रीटमेंट फाइल में नए ट्रीटमेंट नोट्स अंकित किए थे। जो की प्रमाणित प्रतिलिपि मैं अंकित नहीं थे एवं रोगी को कोरोना संक्रमण की किसी विश्वसनीय जांच से पुष्टि ना होने पर भी रोगी को कोविड सेंटर में संक्रमित रोगियों के साथ भर्ती करना जांच में पाया गया। 

क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाओं द्वारा भी रोगी के उपचार में अनियमितताएं एवं दस्तावेजों में छेड़छाड़ होना पाया था। किंतु डॉ. मनीष शर्मा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अस्पताल के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की एवं मात्र चेतावनी पत्र जारी कर अस्पताल प्रबंधन को अनुचित लाभ पहुंचाया था एवं अस्पताल प्रबंधन से मिलकर प्रार्थी अशोक शर्मा की शिकायत को भी नस्ती करने का प्रयास किया गया था। सीएसपी विजय भदोरिया द्वारा डॉ. अशोक शर्मा की शिकायत की जांच की एवं अस्पताल प्रबंधन के डॉ. राघवेंद्र शर्मा, डॉ. खुशाली कोटेचा, डॉ. अरुण तिवारी एवं डॉ. आदित्य तिवारी के विरुद्ध दस्तावेजों में हेरफेर कर धोखाधड़ी करने के संबंध में एफ.आई.आर. करने की अनुशंसा की थी जांच उपरांत पड़ाव थाना द्वारा 29 जुलाई 2022 को दोषी चिकित्सकों के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।