हर साल सड़कों का मेंटेनेंस होेने के बाद भी जल भराव की समस्या…

1 इंच बारिश में ही डूबीं शहर की सड़कें !

ग्वालियर। तीन दिन से शहर में केवल बूंदाबांदी हो रही थी, लेकिन उप्र के ऊपर चक्रवाती घेरा बनते ही बुधवार को जमकर बादल बरसे। इससे 3 घंटे के दौरान ही तापमान में 4.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। दोपहर 2:30 बजे 34.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बारिश के बाद शाम 5:30 बजे 29.8 डिग्री दर्ज किया गया। इस तरह 3 घंटे के दौरान 4.8 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। बीते रोज शाम 5:30 बजे 35.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। मानसून सीजन में शहर में अब तक 185.4 मिमी बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक बारिश का कोटा 220.4 मिमी है। इस तरह अब तक बारिश के कोटे से 35 मिमी कम बारिश हुई है। 

पिछले दिन की तुलना में अधिकतम तापमान 1.6 डिग्री गिरावट के साथ 37.1 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं बारिश से कुछ फीडर फॉल्ट हुए तो कुछ पर ट्रिपिंग आई। जयेंद्रगंज, विनय नगर, डीडी नगर, महाराज बाड़ा, महाराजपुरा जोन, फालका बाजार, गुढा़ क्षेत्रों में 3 से 4 बार 10-15 मिनट की ट्रिपिंग जनरेट हुई। बारिश होने के साथ ही शहर के कुछ स्थानों पर पानी भरने की समस्या वर्षाें पुरानी है। इसकी जानकारी नगर निगम के जिम्मेदारों को भी है। निगम की सूची में लंबे समय से ये स्थान जलभराव वाले क्षेत्रों के रूप में दर्ज भी हैं, लेकिन यहां की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अधिकारियों ने कोई ठोस प्लान तैयार नहीं किया है। ऐसे लगभग 40 स्थानों में पानी भरने से यहां से गुजरने या रहने वालों को हर साल परेशानी का सामना करना पड़ता है। 

बुधवार शाम को हुई बारिश में भी शहर का नजारा कुछ ऐसा ही दिखाई दिया। जलभराव के परंपरागत स्थानों पर पानी भरने की समस्या सामने आई। फूलबाग, पड़ाव, नदीगेट, गांधी नगर के प्रवेश मार्ग क्षेत्रों में पानी भरने से दो पहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। फायर ब्रिगेड ने निकाला पानी:अलकापुरा तिराहे पर ज्यादा पानी भरने के कारण फायर ब्रगेड के अमले से पानी निकलवाया गया। पानी भरने की सूचना के साथ निगम के जिम्मेदार मौके पर पहुंच गए। दो तरह की सूची हैं निगम के पास: अधिकारियों ने जलभराव वाले क्षेत्रों की दो तरह की सूची तैयार की हैं। इसमें 39 स्थान दर्ज हैं। एक सूची ज्यादा जलभराव वाले स्थानों की है। इसमें 12 स्थान हैं।

शहर के चिह्नित उन स्थानों पर जहां जलभराव की समस्या है, का समाधान कराया जा रहा है। नदीगेट रोड पर पानी की निकासी स्वर्ण रेखा में कराने से अब कुछ देर ही पानी रुकता है। मैंने तकनीकी अमले को ऐसे स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए सर्वे को भी बोला है। ऐसा हुआ तो हम बारिश के पानी को जमीन में उतारने में भी सफल होंगे - किशोर कन्याल, आयुक्त, नगर निगम, ग्वालियर