अडानी ग्रुप 5जी स्पेक्ट्रम हासिल करने की तैयारी में…

टेलीकॉम सेक्टर में फिर से शुरू हो सकता है टैरिफ वार !

अडानी समूह अब टेलीकॉम सेक्टर में भी पांव जमाने की तैयारी में है। अडानी समूह ने इस महीने के आखिर में होने वाले 5जी स्पेक्ट्रम की निलामी में हिस्सा लाने के लिए आवेदन किया है। अडानी ग्रुप ने 8 जुलाई, 2022 को 5जी स्पेक्ट्रम की होने वाली निलामी में भाग लेने के लिए टेलीकॉम विभाग के पास आवेदन जमा कराया है। दरअसल जिन कंपनियों को 5जी स्पेक्ट्रम की निलामी में भाग लेना है उन्हें 8 जुलाई तक टेलीकॉम विभाग के पास आवेदन करना था।

माना जा रहा है कि तीनों मौजूदा टेलीकॉम कंपनियां रिलायंस जियो, भारतीय एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के अलावा गौतम अडानी की अडानी ग्रुप भी 5जी स्पेक्ट्रम की निलामी में भाग लेने जा रही है। दूरसंचार विभाग के मुताबिक 5जी स्पेक्ट्रम में भाग लेने वाली किसी भी नई कंपनी को यूनिफाइड लाइसेंस लेना होगा जिसके जरिए देश के किसी भी भाग में एक्सेस सर्विस, मोबाइल या डाटा सर्विस प्रदान करना होगा। 

यूनिफाइड लाइसेंस किसी भारतीय कंपनी को ही दी जाएगी। कोई विदेशी कंपनी यूनिफाइड लाइसेंस के लिए आवेदन करती है तो उसे देश में नई कंपनी बनाना होगा या किसी भारतीय कंपनी का अधिग्रहण करना होगा। अडानी समूह ने 5जी स्पेक्ट्रम की निलामी में हिस्सा लेने को लेकर अभी तक कोई बायन नहीं जारी नहीं किया है। हालांकि 12 जुलाई, 2022 को इसका खुलासा हो जाएगा। 

क्योंकि 5जी स्पेक्ट्रम निलामी की टाइमलाइन के मुताबिक भाग लेने वाली कंपनियों की जानकारी इस दिन सार्वजनिक कर दी जाएगी। 26 जुलाई, 2022 से 5जी स्पेक्ट्रम की निलामी शुरू होगी और करीब 4.3 लाख करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम निलामी के लिए ब्लॉक पर रखा जाएगा। बहरहाल अडानी समूह के 5जी स्पेक्ट्रम की निलामी में भाग लेने से टेलीकॉम सेक्टर में फिर से टैरिफ वार शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।