बुकर पुरस्कार जीतने वाला भारतीय भाषा का पहला उपन्यास बना...

गीतांजलि श्री का 'रेत समाधि' ने जीता अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 

लंदन: दिल्ली की लेखिका गीतांजलि श्री के हिन्दी उपन्यास 'रेत समाधि' (टॉम्ब ऑफ सैंड) को अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज़ मिला है. 'रेत समाधि' प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाला किसी भी भारतीय भाषा का पहला उपन्यास बन गया है. उनके उपन्यास को डेजी रॉकवेल ने अंग्रेज़ी में अनूदित किया है. यह 50,000 पाउंड के पुरस्कार के लिए चुने जाने वाला पहला हिन्दी भाषा का उपन्यास है. यह विश्व की उन 13 पुस्तकों में शामिल था, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के लिए लिस्ट में शामिल किया गया था.

बुकर प्राइज ने एक ट्वीट में कहा, "गीतांजलि श्री और @shreedaisy को बधाई”. बंगाली लेखक अरुणव सिन्हा ने ट्वीट किया कि "यस! अनुवादक डेज़ी रॉकवेल और लेखक गीतांजलि श्री ने 'रेत समाधि' के लिए अंतरराष्ट्रीय बुकर जीता. एक हिन्दी उपन्यास, एक भारतीय उपन्यास, एक दक्षिण एशियाई उपन्यास के लिए पहली जीत... बधाई!"

गीतांजलि श्री कई लघु कथाओं और उपन्यासों की लेखिका हैं. उनके 2000 के उपन्यास माई को 2001 में क्रॉसवर्ड बुक अवार्ड के लिए चुना गया था. उन्होंने 50,000 पौंड का अपना पुरस्कार लिया और पुस्तक के अंग्रेजी अनुवादक, डेजी रॉकवेल के साथ इसे साझा किया.