Char Dham Yatra 2022

यात्रा में अब तक 44 श्रद्धालुओं  की जा चुकी है जान

केदारनाथ यात्रा में दो और तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। चार धामों में सबसे ज्यादा मौत केदारनाथ धाम में हुई है, बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग सजग नजर नहीं आ रहा है। अब तक यात्रा के दौरान 44 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। चारधामों में सबसे कठिन यात्रा बाबा केदारनाथ की है। यहां पहुंचने के लिए गौरीकुंड से 18 किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़कर पहुंचना पड़ता है। ज्यादातर श्रद्धालु आस्था और विश्वास के साथ पैदल ही यात्रा करना पसंद करते हैं। जिस कारण रास्तें में उनकी तबियत खराब हो जाती है और उन्हें दिक्कतें होने लगती हैं। इसके अलावा केदारनाथ यात्रा मार्ग से लेकर धाम में ऑक्सीजन की कमी से भी तीर्थयात्रियों को जूझना पड़ता है। 

शुक्रवार को केदारनाथ यात्रा पर आए गुजरात के पटेल धानिश भाई (32 साल) और पटना के भानू शंकर प्रसाद (71 साल) की अचानक तबियत खराब हो गई। जिसके बाद इन्हें स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इनके शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मौत का कारण संभवतया हार्ट अटैक माना जा रहा है। केदारनाथ धाम में अब तक 44 यात्रियों की मृत्यु हो चुकी है और सबसे ज्यादा हाटअटैक से तीर्थयात्रियों की मौत हुई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बिन्देश शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को 1,675 श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार कराया गया। जिसमें 1,208 पुरुष और 467 महिलाएं शामिल हैं। अब तक ओपीडी के माध्यम से 40,351 श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया है। जबकि 91 यात्रियों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान अब तक 935 यात्रियों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराया गया है। 

साथ ही उन्होंने बताया कि केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य खराब होने पर तत्परता से स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए उपचार किया जा रहा है। जिसके लिए यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक डॉक्टरों की तैनाती की गई है। वहीं डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि केदारनाथ यात्रा में तीर्थयात्री गर्म कपड़े लेकर नहीं आ रहे हैं। जिससे उन्हें गर्म कपड़े सस्ते दामों पर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। साथ ही उन्हें सलाह दी जा रही है कि वे पूरी तैयारी के साथ केदारनाथ यात्रा पर आएं। उन्होंने कहा कि यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों को धैर्य रखने की जरूरत है। केदारनाथ यात्रा अक्टूबर-नवंबर तक चलनी है। ऐसे में श्रद्धालुओं को संयम के साथ यात्रा करनी चाहिए।