लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 लॉन्च कर किया एलान…

कॉलेज में प्रवेश लेने पर 25000 अलग से देंगे, फीस भी सरकार भरेगी : CM शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि लाडली लक्ष्मी बच्चियों के कॉलेज में एडमिशन लेने पर दो किश्तों में सरकार 25 हजार रुपए देगी। वहीं, कॉलेजों की फीस भी सरकार भरेंगी। लाड़लियों के लिए अच्छा काम करने वाली पंचायतों को भी सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 लॉन्च की। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने लाड़लियों का फूलों से स्वागत किया। इस अवसर पर लाडली लक्ष्मी बुक का विमोचन और लाडली ई संवाद एप का भी शुभारंभ किया। साथ ही कुछ लाड़ली बालिकाओं को लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मेरा मुख्यमंत्री बनना सार्थक हो गया। चूंकि आज मदर्स डे भी था तो सीएम ने कहा कि मां को कभी भूलना मत क्योंकि उसके कारण ही अपना अस्तित्व है। सीएम ने कहा कि मुझे भी अपनी मां की याद आ रही है। मां बच्चों की जान होती है, वो होते हैं किस्मत वाले जिनके मां होती है। 

अपनी मां को कभी भूलना नहीं। मैंने अपनी मां को बचपन में ही खो दिया था।मेरी लाडली लक्ष्मी से अपील करता हूं कि अपनी मां और पिता की इज्जत और सम्मान करना। आज लाडली लक्ष्मी उत्सव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में 42 लाख 14 हजार लाडली लक्ष्मी बेटियां हो गई हैं। मेरा मुख्यमंत्री बनना सफल हो गया। उन्होंने कहा कि मेरी बेटियों खूब पढ़ना और कुछ करके इतिहास रचना। आज वह दिन आ गया कि मां बाप कहेंगे कि बेटा हो तो ठीक है नहीं तो बेटियां ही हमारी लाडली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने पर 8 से 7 लाख रुपएये फीस देनी पड़ती है। यह फीस सरकार भरेगी। उन्होंने बेटियों को कहा कि अब तुम फीस की चिंता मत करना। तुम्हारा मामा फीस भरेगा। तुम इंजीनियर, डॉक्टर, प्रोफेसर, वकील, अच्छा खिलाड़ी, अच्छा कलाकार, आईएएस और आईपीएस जिस क्षेत्र में जाना चाहती हो जाओ। तुम्हारा मामा तुम्हारे साथ है। 

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी ग्राम पंचायतों काे सम्मानित किया जाएगा, जहां एक भी बाल विवाह नहीं होगा, बच्चियां कुपोषित नहीं रहेंगी, बालिका अपराध घटित नहीं होगा, शाला में 100 प्रतिशत प्रवेश और टीकाकरण होगा उन्हें लाडली पंचायत घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर साल 2 मई से 12 मई तक लाडली लक्ष्मी उत्सव मनाया जाएगा। प्रदेश में 2007 से अब तक 42.08 लाख से अधिक बालिकाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया है। योजना के तहत अब तक कक्षा 6, कक्षा 9, कक्षा 11 और कक्षा 12 में प्रवेशित कुल 9.05 लाख बालिकाओं को 231.07 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति बांटी की गई। इसका उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सोच में परिवर्तन लाना और उनकी शिक्षा की निरंतरता को सुनिश्चित करना है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की पांचवीं रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में बाल विवाह में 93 प्रतिशत की कमी आई है। 2011 की जनगणना के समय प्रदेश का शिशु लिंगानुपात (जन्म के समय) 919 था, जो अब बढ़कर 956 हो चुका है। 

ग्वालियर, चंबल और बुंदेलखंड जैसे कम लिंगानुपात वाले क्षेत्रों में लिंगानुपात में सकारात्मक परिवर्तन आया है। 2 बच्चों के बाद और अधिक बच्चों की चाह न रखने वाले परिवारों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। यह प्रतिशत 78 से अधिक हो गया है। बेटियों से ज्यादा बेटे चाहने वाले महिलाओं और पुरुषों का प्रतिशत 18 से घटकर 13 हो गया है। घरेलू हिंसा के मामले में 33 प्रतिशत से घटकर 28 प्रतिशत हो गए हैं। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार बेटी की चाह को लेकर नवविवाहितों एवं किशोर की सोच बेहतर हुई है। हर वर्ग के 99 प्रतिशत लोग बेटी का विवाह 18 वर्ष के बाद कराना चाहते हैं। लगभग 93 प्रतिशत लोग बेटी को 12वीं कक्षा से अधिक पढ़ाना चाहते हैं। ज्यादातर पालक लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ लेने के लिए बेटी की शिक्षा जारी रखना चाहते हैं। 90% से अधिक की सोच में बालिकाओं के जन्म, स्वास्थ्य, खान-पान संबंधी व्यवहारों, शिक्षा, घर में होने वाले व्यवहार एवं विवाह के संबंध में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं।