यूक्रेन के राष्ट्रपति की चेतावनी…

परमाणु हमले के लिए तैयार रहे दुनिया, एंटी रेडिएशन दवा जमा करना शुरू करें : जेलेंस्की

रूस और यूक्रेन के बीच जंग रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दुनिया को रूस के परमाणु हमले को लेकर आगाह किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया को रूसी परमाणु हथियारों के संभावित इस्तेमाल के लिए तैयार करने की जरूरत है। AFP के मुताबिक कीव में यूक्रेन के पत्रकारों से बात करते हुए जेलेंस्की ने कहा, हमें उस पल का इंतजार नहीं करना चाहिए जब रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने का फैसला करे। इसके लिए हमें पहले से तैयारी करनी चाहिए। वो किसी भी हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं, मैं इसको लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हूं। उन्होंने कहा - एंटी रेडिएशन मेडिसिन और हवाई हमले से बचने शेल्टर्स की आवश्यकता होगी। 

इसके पहले भी शुक्रवार को जेलेंस्की ने चेतावनी दी थी कि दुनिया को पुतिन के खतरे के बारे में चिंतित होना चाहिए। वहीं, क्रेमलिन ने कहा कि उसने 24 फरवरी को हमला शुरू होने के तुरंत बाद रूसी परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रखा था। पुतिन ने अपनी सेना को न्यूक्लियर वॉर ड्रिल के लिए अभ्यास करने का आदेश भी दिया था। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने हाल ही में एक साक्षात्कार में CNN को बताया कि मॉस्को ने कहा है कि वह रूस के खिलाफ अस्तित्व के खतरे के मामले में यूक्रेन पर परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेगा। CIA के निदेशक विलियम बर्न्स ने कहा कि रूस को यूक्रेन के खिलाफ हमले के दौरान मिली निराशा राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को कम दूरी और कम शक्तिशाली परमाणु हथियार का सहारा लेने के लिए उकसा सकती है। 

बर्न्स ने कहा- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन तीसरे विश्व युद्ध से बचने के बारे में खासे चिंतित हैं। वहीं, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूक्रेन के खिलाफ जंग में आशा के अनुरूप सफलता नहीं मिलने से रूस की सुपरपावर इमेज को धक्का लगा है। ऐसे में इस इमेज को बनाए रखने के लिए रूस यूक्रेन के खिलाफ न्यूक्लियर वेपन इस्तेमाल कर सकता है। डेली मेल की खबर के मुताबिक, मोस्कवा युद्धपोत डूबने के बाद रूसी सैनिक बौखला गए हैं। ऐसे में यूक्रेन से बदला लेने के लिए कीव, खार्किव सहित आठ शहरों में रूस ने आक्रमण तेज कर दिया है। वहीं, रूस का एक मिसाइल दागने वाला वॉरशिप ब्लैक सी में डूब चुका है। यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि उनकी सेना ने युद्धपोत पर मिसाइल से हमला किया था जिसके बाद यह घटना हुई।