कलेक्टर ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में दिए निर्देश…

एंटी माफिया अभियान की कार्रवाई को और तेज करें : श्री सिंह

ग्वालियर। एंटी माफीया अभियान की कार्रवाई को और तेज करे । कार्रवाई ऐसी हो जिससे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और माफियाओं व असामाजिक तत्वों में  खौफ  पैदा हो । इस आशय के निर्देश कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में जिले के सभी अनुविभागीय दण्ड अधिकारीयों को दिए । कलेक्टर श्री सिंह ने कहा बड़े-बड़े भू-माफियाओं, खनिज माफिया मिलावटखोंरों, शराब माफिया, चिटफंडियों, दूसरे की सम्पत्तियों पर जबरन कब्जा करने वालो, महिला अपराध व अन्य गंभीर अपराधों में लिप्त असामाजिक तत्वों की अवैध संपत्तियाँ जब्त कर कठोर कार्रवाई करें। सोमवार को यहाँ कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई से कानून व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ अपराध पर भी नियंत्रण होता है। 

इसलिए एंटी माफिया अभियान को पूरी गंभीरता के साथ अंजाम दिया जाए। बैठक में जानकारी दी गई पिछले दो महीनों के दौरान भू-माफियाओं के खिलाफ 48 कार्रवाई कर 14 एफआईआर दर्ज की गई है । इसी तरह 8 मिलावटखोरों व राशन वितरण में गड़बडी करने वाले 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गईं हैं। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष तिवारी, अपर कलेक्टर इच्छित गढ़पाले व एच बी शर्मा, जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी को निर्देश दिए कि जिला मुख्यालय पर कोई भी एएनएम अटैच न रहे। 

संलग्न सभी एएनएम को तत्काल भारमुक्त करें। जो एएनएम  अपने कर्तव्य स्थल पर न पहुँचे उनके खिलाफ निलंवन की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा की मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर अंकुश लगाने के लिए नियमित टीकाकरण के लिए एएनएम का मुख्यालय पर रहना जरूरी है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जोर देकर कहा कि जिले के सरकारी विश्राम गृहों  में पहचान पत्र कि काँपी लेने के बाद ही आगुंतकों को ठहरने की अनुमति दें । साथ ही लोकनिर्माण विभाग के प्रावधानों के तहत शुल्क भी लिया जाए। उन्होंने कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण व सत्कार अधिकारी को निर्देश दिए कि इस काम में कोई ढिलाई न हो। 

साथ ही विश्राम गृह में यदि किसी को 3 दिन से अधिक ठहरना हो तो इसके लिए कलेक्टर से लिखित अनुमति ली जाए। बगैर अनुमति के किसी को भी 3 दिन से अधिक न ठहरने दें। विश्राम गृह में रूकने वाले हर आगुंतक का व्यौरा पंजी में दर्ज किया जाए। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखकर निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। सभी एसडीएम इस आदेश का पालन कराएं। विशेष जरूरी होने पर नलकूप खनन की अनुमति दी जाए। उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण अंचल में पेयजल व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। साथ ही कहा कि ग्रामीण अंचल की नल जल योजनायें व हैण्डपम्प सुचारू रहें। 

कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने गृह निर्माण मण्डल के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ठाठीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना का काम जल्द से जल्द शुरू कराएं। बैठक में बताया गया कि ठाठीपुर क्षेत्र के सरकारी आवासों में निवासरत सभी कर्मचारियों को हाउसिंग बोर्ड द्वारा मकान आवंटित कर दिए गए हैं। इसके बाबजूद भी उन्होंने मकान खाली नहीं किए हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को दो दिवस में आवास खाली करने के नोटिस दें। इसके बाद विधिवत कार्रवाई कर मकान खाली कराए जाएं, जिससे ठाठीपुर पुनर्घनत्वीकरण योजना का काम सुचारू रूप से चल सके। 

धारण अधिकार अधिनियम के तहत सकारात्मक निराकरण पर कलेक्टर ने विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी एसडीएम जल्द से जल्द प्रकरणों का निराकरण करें। बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 4 हजार 241 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह के लिये अधिक से अधिक पंजीयन कराने पर भी बल दिया। बैठक में इसके अलावा कोविड टीकाकरण, जलाभिषेक अभियान, आयुष्मान कार्ड, सीएम राईज स्कूल, दिव्यांग प्रमाण-पत्र, आंगनबाड़ी, पार्क, संजीवनी क्लीनिक व सड़कों को गोद लेने की दिशा में हुए प्रयासों की भी बैठक में समीक्षा हुई।