इंदौर और उज्जैन संभाग के केंद्रों में प्रारंभ हुआ है गेहूं का उपार्जन…

सोमवार से पूरे मध्या प्रदेश में होगी समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी

भोपाल। सोमवार से पूरे प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं का उपार्जन(खरीदी) प्रारंभ हो जाएगा। इंदौर और उज्जैन संभाग में 28 मार्च से ही खरीदी शुरू हुई थी। भोपाल, सागर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में उपार्जन के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। उपार्जन केंद्रों पर किसानों का सत्यापन करने के बाद उपज खरीदी जाएगी। भुगतान आधार लिंक से खातों में होगा। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए 19 लाख 81 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। पहली बार बिक्री के लिए उपज किसान लेकर कब आएगा, यह तय करने का अधिकार उसे ही दिया गया है। 

इसके लिए स्लाट बुक करने की व्यवस्था बनाई गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति विभाग के संचालक दीपक सक्सेना का कहना है कि उपार्जन में किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए किसानों का बायोमैट्रिक सत्यापन कराया गया है। एक लाख से ज्यादा पंजीयन और आधार नंबर में दर्ज नाम में अंतर सामने आने पर जांच कराकर सुधार कराया गया है। नए मोबाइल नंबर भी जोड़े गए हैं ताकि किसानों को एसएमएस के माध्यम से भुगतान आदि की सूचना दी जा सके। प्रदेश में चार हजार 663 केंद्रों पर उपार्जन का काम होगा। इस बार 130 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने की तैयारी की गई है।

यह किए इंतजाम -

  • गेहूं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ग्रेडिंग की व्यवस्था।
  • प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर नोडल अधिकारियों की तैनाती।
  • उपज की तौल होने पर किसान एवं उपार्जन केंद्र प्रभारी के बायोमैट्रिक सत्यापन से ही देयक जारी होंगे।
  • भंडारण के लिए 84 लाख मीट्रिक टन क्षमता की जगह रिक्त।
  • 34 लाख मीट्रिक टन गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वितरित होगा।जिससे भंडारण की और जगह मिलेगी।