4 सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाई जाएगी नवरात्रि…

दो साल बाद कोरोना भूलकर देवी के मंदिरों में लगे मेले

विक्रम संवत 2079 का शुभारंभ,गुढ़ी पड़वा तथा चैत्रीय नवरात्रि का शुभारंभ 2 अप्रैल शनिवार को होगा। इसके साथ ही इस दिन भगवान झूलेलाल जयंती एवं गौतम जयंती भी मनाई जाएगी। इन नवरात्रि में किसी भी तिथि का घट-बढ़ नहीं होने के कारण नवरात्रि महोत्सव पूरे नौ दिन मनाया जाएगा। इन नौ दिनों में 4 सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ मुहूर्तों के राजा रवि पुष्य योग नवमीं तिथि के दिन घटित हो रहा है। नवरात्रि महोत्सव की तैयारियां सभी देवी मंदिरों चल रही हैँ। महलगांव वाली करौली माता, मांडरे वाली माता, सांतऊ वाली शीतला माता, झांसी रोड स्थित वैष्णो देवी माता, नहर वाली माता मंदिर सहित सभी प्रमुख देवी मंदिरों पर मेला आयोजित किया जाएगा। 

नवरात्रि के दिन अंचल में घट स्थापना के शुभ मुहूर्त शुभ बेला सुबह 7:42 बजे से सुबह 9:14 बजे तक, अभिजित मुहूर्त सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक,चंचल बेला दोपहर 12:08 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक, लाभ बेला दोपहर 1:41 बजे से दोपहर 3:12 बजे तक, अमृत बेला दोपहर 3:13 बजे से शाम 4:44 बजे तक रहेगा। इन शुभ मुहुर्तों में घट स्थापना कर नौ देवियों की आराधना करना संकल्प सिद्धि के लिए विशेष शुभ फलप्रद रहेगा। नवरात्रि में धाता, आनंद एवं पदम योग के साथ-साथ सर्वार्थ सिद्धि योग एवं रवि पुष्य योग जैसे महायोगों का संगम भी रहेगा। 

2 अप्रैल को धाता, 3 अप्रैल को आनंद योग और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6:31 बजे से दोपहर 12:38 बजे रहेगा। दूसरा सर्वार्थ सिद्धि योग 5 अप्रैल को सुबह 6:28 बजे से प्रारंभ होकर दूसरे दिन 6 अप्रैल को सुबह 6:26 बजे तक रहेगा। तीसरा सर्वार्थ सिद्धि योग 9 अप्रैल रात्रि 1:42 बजे से सुबह 6:24 बजे तक तथा चौथ सर्वार्थ सिद्धि योग 10 अप्रैल को सुबह 6:23 बजे से दूसरे दिन सुबह 6:50 बजे तक रहेगा। 8 अप्रैल को पदम योग भी रहेगा। 10 अप्रैल रवि पुष्य योग भी घटित हो रहा है। इसकी अवधि दूसरे दिन तक रहेगी।