नन्ने नौनिहाल जो कि आगे जाकर देश का भविष्य भी बन सकते हैं…

नशे की ओर बढ़ रहे हमारे युवा और समाज के कदम

आज युवाओं के बीच एक नया अभियान , एक मुहिम छिड़ी हुई है नशा मुक्त भारत परंतु क्या कभी सोचा है कि हमारे नन्हे मुन्नों  के कदम और युवाओं के बीच में नशा कैसे इतना प्रचलित हुआ हां इसके भी दोषी हम ही हैं जानते हैं कैसे ! 

यह कहना गलत नहीं होगा की आधुनिकता के साथ-साथ आज हमारे युवा जो कि कर्तव्यनिष्ठ और कर्मठ होना चाहिए और जो कि कहीं-कहीं है भी,  परंतु भौतिक सुख साधनों के चलते आज हमारे युवाओं में नशे की लत लगना आम बात हो गई है ! सेलिब्रेशन के नाम पर या किसी भी आयोजित कार्यक्रम में नशा या शराब का शामिल होना बहुत ही साधारण सी घटना है और बहुत पहले से हमारे समाज में शामिल है।

हमारे समाज में अधिकांश कार्यक्रमों में फ्रूट ड्रिंक के नाम पर कॉकटेल मॉकटेल अन्य इत्यादि नशे युक्त ड्रिंक सर्व किए जाते है , इस प्रकार के इंतजाम होने के कारण हमारे नन्ने नौनिहाल जो कि आगे जाकर देश का भविष्य भी बन सकते हैं नशा चखने और उसको उपयोग में लाने के लिए प्रेरित है , क्योंकि वह जिस समाज का हिस्सा है वहां यह खुलेआम सार्वजनिक स्तर पर किसी भी कार्यक्रम में मेहमानों को उनके स्वागत हेतु सम्मान के रूप में पेश किया जा रहा है , इसीलिए हमारे समाज में युवा इसकी आदत का शिकार हो रहे हैं। 

परंतु आज देखने को मिलता है कि हमारे छोटे छोटे  बच्चे जो कि नशा क्या है, यह  समझना भी नहीं सीखे हैं, जो की टीन एज से कम है वह भी आज ड्रिंक करने  को एक अच्छी सोसाइटी से जोड़कर देखते है आज फ्रूट बियर या अन्य विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं और इन्हें शौक के तौर पर हमारे युवा पार्टियों में बड़ी शान से मंगवाते हैं और इस्तेमाल भी करते हैं परंतु यही आदत उनकी बाद में नशे में तब्दील हो जाती है और इसको बुराई के रूप में नहीं लिया जाता इसीलिए हम कह सकते हैं कि हमारे युवा के कदम नशे की ओर निरंतर बढ़ रहे हैं।


प्रतिभा दुबे

स्वतंत्र लेखिका