संभाग स्तरीय अंतरविभागीय समन्वय बैठक में संभागायुक्त ने दिए निर्देश…

समरस गाँवों में शत-प्रतिशत पात्र परिवारों को सरकार की योजनाओं से लाभान्वित कराएँ : श्री सक्सेना

ग्वालियर। समझौता से समाधान के तहत चिन्हित समरस (विवाद रहित) ग्रामों में शतप्रतिशत पात्र परिवारों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाएँ। ग्राम सभाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से छूटे नहीं। इस आशय के निर्देश संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना ने संभाग स्तरीय अंतरविभागीय समन्वय बैठक में दिए। उन्होंने कहा संभाग स्तरीय अधिकारी समरस गाँवों में स्वयं जाएँ और सरकार की सभी योजनाओं को क्रियान्वित कराएं। ज्ञात हो संभाग आयुक्त श्री सक्सेना की पहल पर ग्वालियर एवं चंबल संभाग में समझौता से समाधान कार्यक्रम के तहत बीट समाधान केन्द्र के जरिए गाँव की छोटी-मोटी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। 

साथ ही आपसी विवाद भी अदालत की बजाय समझौते से निपटाए जा रहे हैं। दोनों संभागों के पूर्णत: विवाद रहित गाँवों को समरस गाँव का नाम देकर वहाँ पर आदर्श स्वरूप में योजनाओं को जमीनी हकीकत बनाया जा रहा है, जिससे इस मॉडल पर अन्य गाँवों में भी योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा सके। बुधवार को यहाँ नवीन राजस्व भवन के सभागार में आयोजित हुई बैठक में संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने निर्देश दिए कि आदर्श गाँवों में आधारकार्ड व समग्र आईडी के आधार पर हर परिवार का ऐसा डाटा तैयार करें, जिससे पता लग सके कि किस परिवार को सरकार की कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ मिल चुका है और कौनसी योजनाओं का लाभ आगे दिया जाना है। 

संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना ने ग्रामीण अंचल में संचालित सभी उप स्वास्थ्य व ग्राम आरोग्य केन्द्रों के बेहतर संचालन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा स्वास्थ्य केन्द्र समय से व नियमित रूप से खुलें और हर समय साफ-सुथरे रहें। स्वास्थ्य केन्द्रों के रख-रखाव व प्रबंधन से स्व-सहायता समूहों को भी जोड़ा जाए। इसके लिये स्व-सहायता समूहों के साथ एमओयू भी कराए जा सकते हैं। श्री सक्सेना ने एएनएम की मुख्यालय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिये भी कहा। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ग्वालियर-चंबल संभाग में स्व-सहायता समूहों की दीदियों को विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है। इस कड़ी में ग्रामीण नल-जल योजनाओं के संचालन का काम भी उन्हें दिया जा रहा है।

संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना ने निर्देश दिए कि स्व-सहायता समूहों की दीदियों को विषय विशेषज्ञों से इस काम का प्रशिक्षण दिलाया जाए। स्व-सहायता समूहों की दीदियां जल कर की वसूली करेंगीं। साथ ही एक पम्प ऑपरेटर रखकर नल-जल योजना का संचालन भी करायेंगीं। संभाग आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि नल-जल योजनाओं को सुचारू बनाए रखने के लिये ग्रामीण अंचल में पहले से ही वैकल्पिक जल स्त्रोत चिन्हित कर लें। उन्होंने कहा आवश्यकता होने पर निजी जल स्त्रोतों का अधिग्रहण करें, जिससे पेयजल आपूर्ति सुचारू बनी रहे। बैठक में जलाभिषेक अभियान के तहत तालाबों का जीर्णोद्धार, सीएम हैल्पलाइन, एडॉप्ट एन आंगनबाड़ी अभियान, जननी सुरक्षा योजना सहित सरकार की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की भी समीक्षा की गई।